Edited By Parveen Kumar,Updated: 10 Jan, 2026 06:29 PM

कई पुरुषों को बार-बार पेशाब आने की समस्या होती है। अक्सर इसे बढ़ती उम्र, ठंड या सामान्य यूरिन इंफेक्शन समझकर नजरअंदाज कर दिया जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि यही परेशानी कभी-कभी एक गंभीर बीमारी, प्रोस्टेट कैंसर, का शुरुआती संकेत भी हो सकती है?...
नेशनल डेस्क: कई पुरुषों को बार-बार पेशाब आने की समस्या होती है। अक्सर इसे बढ़ती उम्र, ठंड या सामान्य यूरिन इंफेक्शन समझकर नजरअंदाज कर दिया जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि यही परेशानी कभी-कभी एक गंभीर बीमारी, प्रोस्टेट कैंसर, का शुरुआती संकेत भी हो सकती है? यही वजह है कि इस लक्षण को हल्के में लेना खतरनाक साबित हो सकता है।
प्रोस्टेट कैंसर पुरुषों में पाए जाने वाले आम कैंसरों में से एक है। यह प्रोस्टेट ग्रंथि में विकसित होता है, जो मूत्राशय (ब्लैडर) के ठीक नीचे और पेल्विक हिस्से में स्थित होती है। यह ग्रंथि पुरुषों के हार्मोन और प्रजनन स्वास्थ्य से गहराई से जुड़ी होती है। शुरुआत में यह कैंसर अक्सर बिना किसी स्पष्ट लक्षण के बढ़ता रहता है, इसलिए समय रहते पहचान बेहद जरूरी है।
क्या बार-बार यूरिन आना प्रोस्टेट कैंसर का संकेत है?
मैक्स हॉस्पिटल के ऑनकोलॉजिस्ट डॉ. रोहित कपूर के अनुसार, प्रोस्टेट कैंसर के शुरुआती चरण में बार-बार पेशाब आना एक आम लक्षण हो सकता है। इसके अलावा पेशाब करते समय जलन या दर्द, यूरिन का बहाव कमजोर होना, रात में बार-बार पेशाब के लिए उठना, पेशाब को अचानक रोक न पाना और पेशाब में खून आना भी चेतावनी संकेत हो सकते हैं।
कुछ मामलों में पीठ, हिप या रीढ़ में लगातार दर्द, असामान्य थकान और बिना वजह वजन कम होना भी देखने को मिलता है। चूंकि शुरुआती लक्षण हल्के होते हैं, इसलिए कई पुरुष इन्हें सामान्य समस्या मानकर टाल देते हैं, जो बाद में भारी पड़ सकता है।
प्रोस्टेट कैंसर क्यों होता है?
प्रोस्टेट कैंसर के पीछे कई कारण हो सकते हैं। उम्र बढ़ना इसका सबसे बड़ा जोखिम कारक है, खासतौर पर 50 वर्ष से अधिक उम्र के पुरुषों में इसका खतरा बढ़ जाता है। यदि परिवार में पहले किसी को प्रोस्टेट कैंसर रहा हो, तो जोखिम और भी ज्यादा हो सकता है।
इसके अलावा हार्मोनल असंतुलन, विशेष रूप से टेस्टोस्टेरोन का अधिक स्तर, कैंसर की आशंका बढ़ा सकता है। अनहेल्दी लाइफस्टाइल जैसे ज्यादा फैट वाला खाना, फाइबर की कमी, धूम्रपान और शराब का सेवन भी प्रोस्टेट कोशिकाओं में असामान्य बदलाव का कारण बन सकते हैं।
कैसे करें बचाव?
- संतुलित और पौष्टिक आहार लें, हरी सब्जियां और फाइबर जरूर शामिल करें।
- रोजाना हल्की एक्सरसाइज या वॉक को दिनचर्या का हिस्सा बनाएं।
- धूम्रपान और शराब से दूरी रखें।
- 50 साल की उम्र के बाद नियमित प्रोस्टेट जांच और PSA टेस्ट जरूर कराएं।
- पेशाब से जुड़ी कोई भी असामान्य समस्या दिखते ही डॉक्टर से तुरंत सलाह लें।