Edited By Mehak,Updated: 08 Jun, 2025 11:49 AM

मई का महीना भारत में आमतौर पर गर्मी के लिए जाना जाता है, लेकिन मई 2025 कुछ अलग ही रहा। इस साल मई में देशभर में तापमान सामान्य से काफी कम रहा और कई इलाकों में रिकॉर्ड ठंड दर्ज की गई। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, यह मई भारत की लगभग एक सदी की सबसे...
नेशनल डेस्क : मई का महीना भारत में आमतौर पर गर्मी के लिए जाना जाता है, लेकिन मई 2025 कुछ अलग ही रहा। इस साल मई में देशभर में तापमान सामान्य से काफी कम रहा और कई इलाकों में रिकॉर्ड ठंड दर्ज की गई। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, यह मई भारत की लगभग एक सदी की सबसे ठंडी मई में से एक रही।
मध्य और दक्षिण भारत में दशकों की सबसे ठंडी मई
इस साल मई में मध्य भारत का औसत अधिकतम तापमान 36.63 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो कि सामान्य से 2.63 डिग्री कम रहा। यह साल 1933 के बाद की सबसे ठंडी मई थी और 1901 के बाद तीसरी बार ऐसा तापमान रिकॉर्ड किया गया है। दक्षिण भारत में भी स्थिति कुछ अलग नहीं रही। यहां मई का औसत अधिकतम तापमान 34.13 डिग्री सेल्सियस रहा, जो कि सामान्य से काफी कम था। यह 1955 के बाद की सबसे ठंडी मई मानी जा रही है।
समय से पहले आ गया मानसून, बारिश ने तोड़ा रिकॉर्ड
इस साल मई में मानसून ने समय से पहले दस्तक दी, जिससे कई इलाकों में सामान्य से अधिक बारिश देखने को मिली। आमतौर पर मई के महीने में मौसम शुष्क रहता है, लेकिन इस बार तेज बारिश और गरज-चमक वाले तूफानों की संख्या भी रिकॉर्ड स्तर पर रही। देश के कई हिस्सों में लगभग 20 दिन गरज वाले रहे, जो कि अब तक का सबसे ज्यादा आंकड़ा है। इन तूफानों और बारिश ने गर्मी को काफी हद तक कम कर दिया।
क्या यह ग्लोबल वार्मिंग का असर है?
ऐसा ठंडा मई का महीना पहली नजर में ग्लोबल वार्मिंग के खिलाफ लग सकता है, लेकिन विशेषज्ञ मानते हैं कि यह जलवायु परिवर्तन की जटिलता को दर्शाता है। मौसम में यह बदलाव दरअसल इस बात का संकेत है कि जलवायु अब स्थिर नहीं रही।
तापमान में अचानक गिरावट, ज्यादा बारिश, और मौसमी घटनाओं का बदलता मिजाज इस बात को दर्शाता है कि हमारे वातावरण में बड़े बदलाव हो रहे हैं।
क्या करना होगा अब?
वैज्ञानिकों का मानना है कि अब समय आ गया है कि हम जलवायु के प्रति ज्यादा सतर्क और तैयार रहें।
- नीति-निर्माताओं को मौसम के बदलते रुझानों को ध्यान में रखकर योजनाएं बनानी होंगी।
- जनता को भी जागरूक होना पड़ेगा और पर्यावरण की रक्षा के लिए छोटे-छोटे कदम उठाने होंगे।
मई 2025 की यह ठंडक एक चेतावनी की तरह है, जो हमें बता रही है कि जलवायु परिवर्तन सिर्फ गर्मी नहीं, बल्कि मौसम के हर रूप में अस्थिरता ला सकता है।