2024 में हमारी सरकार आएगी तो हम सबसे पहले महिला आरक्षण विधेयक में संशोधन करेंगे: मल्लिकार्जुन खरगे

Edited By Updated: 23 Sep, 2023 09:45 PM

if our government comes in 2024 we will amend the women s reservation bill

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने शनिवार को कहा कि 2024 के लोकसभा चुनाव में केंद्र में सत्ता में आने पर कांग्रेस महिला आरक्षण विधेयक में संशोधन करेगी।

नेशनल डेस्क: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने शनिवार को कहा कि 2024 के लोकसभा चुनाव में केंद्र में सत्ता में आने पर कांग्रेस महिला आरक्षण विधेयक में संशोधन करेगी। उन्होंने कहा कि विधेयक को लागू करने में फिलहाल कोई बड़ी कानूनी पेचीदगी नहीं है लेकिन मोदी सरकार अगले 10 साल की बात कर रही है। संसद में विधेयक का समर्थन करते हुए कांग्रेस ने मांग की थी कि इसे तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए और इसमें अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) की महिलाओं के लिए ‘कोटा' शामिल किया जाए।

खरगे ने कहा, ‘‘हमारा वादा यही है 2024 में हमारी (केंद्र में) सरकार आएगी तो हम पहला काम करेंगे कि (विधेयक में) संशोधन करेंगे ।'' महिलाओं के लिए लोकसभा और विधानसभाओं में एक तिहाई सीटें आरक्षित करने का प्रावधान करने वाला संविधान (128वां संशोधन) विधेयक इस सप्ताह की शुरुआत में संसद द्वारा पारित किया गया था। खरगे ने यह भी आरोप लगाया कि नए संसद भवन के शिलान्यास के लिए तत्कालीन राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद को आमंत्रित नहीं किया गया क्योंकि वह "अछूत" हैं।

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उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति की जाति का जिक्र करते हुए कहा कि ‘‘उनको (रामनाथ कोविंद को) शिलान्यास के वक्त भी नहीं बुलाया गया क्योंकि वह अछूत हैं। अगर अछूत के हाथ से आधारशिला रखवाते तो स्वाभाविक है कि उसे गंगाजल से धोना पड़ता।'' जयपुर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के सम्मेलन को संबोधित करते हुए खरगे ने कहा कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को नए संसद भवन के उद्घाटन के लिए आमंत्रित नहीं किया गया था, जबकि अभिनेताओं सहित कई अन्य लोगों को आमंत्रित किया गया था।

यह राष्ट्रपति का अपमान है: खरगे

उन्होंने कहा, "यह राष्ट्रपति का अपमान है।" उन्होंने कहा,“आपने (केन्द्र सरकार ने) अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति को क्या महत्व दिया? मैं यह सवाल अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति , पिछड़े वर्ग लोगों से पूछता हूं कि क्या यह कोई मर्यादा है? लोकसभा को राष्ट्रपति द्वारा बुलाया जाता है, प्रधानमंत्री द्वारा नहीं। लेकिन वहां (राष्ट्रपति) के लिए कोई जगह नहीं है और फिर आप कहते हैं कि हम महिलाओं का बहुत सम्मान करते हैं।''

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उन्होंने कहा, ‘‘क्या एससी-एसटी को आपने (सरकार ने) अहमियत दी? मैं यह सवाल अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति, पिछड़े वर्ग के लोगों से पूछता हूं.. यह मर्यादा है?'' कांग्रेस नेता ने महिला आरक्षण विधेयक लाने के पीछे नरेन्द्र मोदी सरकार की मंशा पर भी सवाल उठाया और कहा कि भाजपा महिलाओं को आरक्षण नहीं देना चाहती। उन्होंने कहा कि भाजपा ने चुनाव से ठीक पहले महिला आरक्षण विधेयक के बारे में इसलिए सोचा क्योंकि कई विपक्षी दलों ने मिलकर 'इंडिया' गठबंधन का गठन किया है। उन्होंने कहा, ‘‘ जब राहुल गांधी, सोनिया गांधी और हमने मिलकर के विपक्षी पार्टियों का गठबंधन इंडिया का गठन किया तो भाजपा के दिमाग में महिला विधेयक आया।''

खरगे का मोदी पर तीखा हमला

खरगे ने कहा कि सरोजिनी नायडू कांग्रेस की पहली महिला अध्यक्ष थीं और उन्होंने पूछा, " आरएसएस हो, या भाजपा हो , क्या कोई महिला उनकी अध्यक्ष बनी हैं? आरएसएस की महिला कोई ऊंचे पद पर गई क्या?'' खरगे ने कहा कि संसद का विशेष सत्र पांच दिन के लिए बुलाया गया था और चार दिन में खत्म हो गया क्योंकि मोदी को नया भवन दिखाना था। उन्होंने यह भी टिप्पणी की कि लोकसभा, राज्यसभा चर्चा करने की जगह है.. प्रदशर्नी की नहीं है।

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उन्होंने कहा, ''जब हम महिला आरक्षण विधेयक लाए तो भाजपा ने विरोध किया था। इन लोगों के पास न तो साफ नियत है और न ही स्पष्ट नीति.. वे सिर्फ भाषण देते हैं। हमने विधेयक का समर्थन किया, लेकिन इसे 2030 में लागू किया जाएगा। वे अगले दस वर्षों के बारे में बात कर रहे हैं।'' कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि विधेयक को लागू करने में फिलहाल कोई बड़ी कानूनी जटिलता नहीं है। उन्होंने कहा,‘‘महात्मा गांधी गांधी जी ने कहा था कि मैं ऐसे भारत के निर्माण के लिये कोशिश करूंगा जिसमें गरीब से गरीब आदमी भी महसूस करें कि यह देश उसका है।

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