Edited By Radhika,Updated: 31 May, 2025 11:22 AM

भारत के जाने-माने संरक्षणवादी और 'टाइगर मैन' के नाम से मशहूर वाल्मीक थापर का शनिवार सुबह निधन हो गया। कैंसर से जूझते हुए 73 साल की उम्र में उनका निधन हुआ। बीते काफी समय से वे इस बीमारी से जूझ रहे थे।
नेशनल डेस्क: भारत के जाने-माने संरक्षणवादी और 'टाइगर मैन' के नाम से मशहूर वाल्मीक थापर का शनिवार सुबह निधन हो गया। कैंसर से जूझते हुए 73 साल की उम्र में उनका निधन हुआ। बीते काफी समय से वे इस बीमारी से जूझ रहे थे। थापर का निधन भारत के वन्यजीव संरक्षण जगत के लिए एक बड़ी क्षति है.
चार दशकों से अधिक वन्यजीव संरक्षण को समर्पित-
वाल्मीक थापर भारतीय संरक्षण परिदृश्य में एक अत्यंत महत्वपूर्ण व्यक्ति थे. उन्होंने अपने जीवन के चार दशक से अधिक समय वन्यजीव संरक्षण के लिए समर्पित कर दिए. उनका विशेष ध्यान भारत के राष्ट्रीय पशु बाघों के संरक्षण पर था. उनके अथक प्रयासों ने देश में बाघों की संख्या को बचाने और बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने दी श्रद्धांजलि-
थापर के निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए, कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की. रमेश ने कहा, "पिछले चार दशकों में संरक्षण की दुनिया में - विशेष रूप से बाघों के लिए - एक महान व्यक्ति वाल्मीक थापर का निधन हो गया. यह एक बड़ी क्षति है."
रणथंभौर के संरक्षण में थापर की भूमिका-
जयराम रमेश ने रणथंभौर राष्ट्रीय उद्यान के संरक्षण में थापर की अमूल्य भूमिका पर प्रकाश डाला. उन्होंने कहा, "आज का रणथंभौर, विशेष रूप से, उनकी गहरी प्रतिबद्धता और अथक उत्साह का प्रमाण है." रमेश ने थापर के साथ अपने व्यक्तिगत संबंधों को याद करते हुए बताया कि जैव विविधता से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर उनकी असाधारण जानकारी थी. उन्होंने कहा, "मेरे मंत्रिपरिषद कार्यकाल के दौरान एक भी दिन ऐसा नहीं बीता जब हम एक-दूसरे से बात न करते हों - और लगभग हमेशा मैं ही उनसे प्रभावित होता था." रमेश ने यह भी बताया कि स्थायी समिति के अध्यक्ष के रूप में उनके कार्यकाल के दौरान भी वाल्मीक थापर कई मूल्यवान सुझावों और सलाहों के निरंतर स्रोत थे. उन्होंने कहा, "हमारे बीच बहस होती थी, लेकिन जोश और चिंता से भरपूर उनकी बातें सुनना हमेशा एक शिक्षाप्रद अनुभव होता था."