Edited By Mehak,Updated: 25 Oct, 2025 01:22 PM

गंभीर बीमारियों का इलाज महंगा होता है और कई बार लंबा चलने वाला होता है। हेल्थ इंश्योरेंस लेने से आर्थिक सुरक्षा मिलती है, लेकिन अक्सर लोग अपनी पॉलिसी में गंभीर बीमारियों का कवरेज नहीं लेते। पॉलिसी चुनते समय यह जरूर देखें कि कैंसर, स्ट्रोक, दिल का...
नेशनल डेस्क : आज के समय में चिकित्सा खर्च बहुत तेजी से बढ़ रहा है। गंभीर बीमारियों का इलाज अक्सर महंगा होता है और कभी-कभी यह इलाज कई सालों तक चलता है। ऐसे में, बिना बीमा के इलाज कराने वाले लोगों को अपनी पूरी जमा पूंजी खर्च करनी पड़ सकती है। वहीं, जिनके पास हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी होती है, उन्हें इस स्थिति में आर्थिक सुरक्षा मिलती है।
लेकिन बड़ी समस्या यह है कि कई लोग अपनी हेल्थ बीमा पॉलिसी में गंभीर बीमारियों (Critical Illness) का कवर नहीं लेते। इसका मतलब यह है कि अगर किसी को कैंसर, दिल का दौरा, स्ट्रोक या किडनी फेल्योर जैसी गंभीर बीमारी होती है, तो बीमा राशि से ज्यादा खर्च उनके ऊपर पड़ सकता है।
हेल्थ बीमा लेते समय ध्यान देने योग्य बातें
हेल्थ बीमा पॉलिसी लेने से पहले यह जानना जरूरी है कि आपकी पॉलिसी में गंभीर बीमारियों का कवरेज शामिल है या नहीं। अलग-अलग बीमा कंपनियां अलग-अलग प्रकार की पॉलिसी देती हैं और प्रीमियम (बीमा राशि) भी इसमें भिन्न हो सकता है।
- कुछ पॉलिसी में 100 से ज्यादा गंभीर बीमारियों का कवरेज मिलता है।
- पॉलिसी चुनते समय ऐसी पॉलिसी का चयन करें, जिसमें गंभीर बीमारियों का कवर शामिल हो।
- यदि आपने पहले ही हेल्थ बीमा पॉलिसी ले रखी है, तो भी आप इसे एड-ऑन राइडर के जरिए बढ़ा सकते हैं।
सीआई (क्रिटिकल इलनेस) राइडर क्या है?
सीआई राइडर एक अतिरिक्त कवरेज है, जिसे टर्म लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी में जोड़ा जा सकता है। इस राइडर के जरिए आपको गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए एकमुश्त राशि मिलती है।
सीआई राइडर से मिलने वाले फायदे
- कैंसर, स्ट्रोक, दिल का दौरा, किडनी फेल्योर जैसी बीमारियों में कवरेज।
- कुछ जरूरी सर्जरी के खर्च भी इसमें शामिल।
- इलाज के लिए आर्थिक सुरक्षा और चिंता में कमी।
इसलिए हेल्थ बीमा लेते समय या मौजूदा पॉलिसी में सुधार करते समय यह सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है कि गंभीर बीमारियों का कवरेज शामिल हो। इससे न केवल आपकी और आपके परिवार की आर्थिक सुरक्षा बढ़ती है, बल्कि बीमारी के समय मानसिक तनाव भी कम होता है।