Edited By Anu Malhotra,Updated: 02 Jan, 2026 05:13 PM

वित्त मंत्रालय के हालिया फैसले के बाद, जिसमें सिगरेट की लंबाई के आधार पर प्रति 1000 स्टिक पर एक्साइज ड्यूटी 2,050 रुपये से बढ़ाकर 8,500 रुपये करने की घोषणा की गई है, इस गिरावट के कारण ITC के शेयरधारकों को कुल मिलाकर लगभग 72,300 करोड़ रुपये का नुकसान...
नई दिल्ली: वित्त मंत्रालय के हालिया फैसले के बाद, जिसमें सिगरेट की लंबाई के आधार पर प्रति 1000 स्टिक पर एक्साइज ड्यूटी 2,050 रुपये से बढ़ाकर 8,500 रुपये करने की घोषणा की गई है, इस गिरावट के कारण ITC के शेयरधारकों को कुल मिलाकर लगभग 72,300 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। इस नुकसान में कंपनी की बड़ी हिस्सेदार, LIC भी शामिल है, जिसके पास ITC में 1,98,58,07,233 शेयर हैं, यानी कुल हिस्सेदारी 15.86%। शेयर की कीमत में आई कमी के चलते LIC को दो दिनों में 11,460 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान उठाना पड़ा।
टैक्स बढ़ोतरी का असर
वित्त मंत्रालय ने हाल ही में सिगरेट पर नई एक्साइज ड्यूटी की घोषणा की है। अब सिगरेट की लंबाई के आधार पर प्रति 1000 स्टिक पर टैक्स 2,050 रुपये से बढ़कर 8,500 रुपये हो जाएगा। यह नया लेवी 1 फरवरी से लागू होगा और यह उसी तारीख से लागू होने वाले 40% बढ़े हुए GST दर के अलावा है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि इस नई कर संरचना के चलते कंपनियों को सिगरेट की कीमतों में वृद्धि करनी पड़ेगी। रॉयटर्स की रिपोर्ट में मॉर्गन स्टेनली के विश्लेषकों का कहना है कि ग्राहकों पर पूरी तरह असर डालने के लिए सिगरेट की कीमतें 40% तक बढ़ सकती हैं। इससे मांग और बिक्री दोनों पर असर पड़ सकता है।
6 साल में सबसे तेज गिरावट
गुरुवार को ITC के शेयर ने 6 साल में सबसे तेज गिरावट दर्ज की, जब यह एक दिन में लगभग 10% नीचे आ गया। इसके बाद आज ट्रेडिंग में 5% और की कमी के साथ यह NSE पर 345.25 रुपये पर पहुँच गया, जो कि इस समय का 52 हफ्तों का निचला स्तर है। विशेषज्ञों का कहना है कि टैक्स बढ़ोतरी और संभावित कीमतों में इजाफा ITC के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है और अगले कुछ महीनों में कंपनी की बिक्री और मुनाफे पर असर पड़ सकता है।