पंजाब की 12 और 10 साल की बहनों ने खड़ा किया 'Goat Milk Empire' अब हर महीने कमा रहीं ₹1.5 लाख

Edited By Updated: 22 May, 2025 12:51 PM

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पंजाब के पटियाला की रहने वाली दो बहनें मन्नत और एकनूर मेहमी ने महज 12 और 10 साल की उम्र में जो कदम उठाया, उसने उन्हें देशभर में एक मिसाल बना दिया। साल 2019 में जब मन्नत पीलिया से जूझ रही थीं, तब उनकी सेहत सुधारने के लिए घरवालों ने ऑनलाइन एक बकरी...

नेशनल डेस्क: पंजाब के पटियाला की रहने वाली दो बहनें मन्नत और एकनूर मेहमी ने महज 12 और 10 साल की उम्र में जो कदम उठाया, उसने उन्हें देशभर में एक मिसाल बना दिया। साल 2019 में जब मन्नत पीलिया से जूझ रही थीं, तब उनकी सेहत सुधारने के लिए घरवालों ने ऑनलाइन एक बकरी 20,000 रुपये में खरीदी। तब शायद किसी ने नहीं सोचा था कि ये छोटी सी शुरुआत एक बड़ा व्यवसाय बन जाएगी।

सेहत के लिए खरीदी बकरी, बन गया कारोबार का रास्ता

मन्नत को डॉक्टरों ने बकरी के दूध को फायदेमंद बताया था, लेकिन उनके इलाके में इसकी उपलब्धता बेहद सीमित थी। इसी वजह से उन्होंने सोचा कि क्यों न खुद ही बकरी पालकर दूध का इंतज़ाम किया जाए। बकरी पालने के कुछ समय बाद आसपास के लोग भी बकरी के दूध की मांग करने लगे। यहीं से उन्हें व्यवसायिक संभावना का अंदाज़ा हुआ।

2020 में शुरू की "इंडिया गोट मिल्क फार्म"

मन्नत और एकनूर ने 2020 में अपने फार्म की नींव रखी, जिसका नाम उन्होंने रखा – India Goat Milk Farm। शुरुआत में उन्होंने पंजाब की परंपरागत बीटल नस्ल से शुरुआत की, लेकिन धीरे-धीरे उन्होंने विदेशी नस्लें भी मंगवाना शुरू किया। आज उनके फार्म में 95 से अधिक बकरियां हैं, जिनमें स्विट्जरलैंड की सानन नस्ल, फ्रेंच अल्पाइन और टोगेनबर्ग जैसी हाई यील्ड ब्रीड्स भी शामिल हैं।

हर दिन 25 लीटर दूध का उत्पादन

इन बकरियों से प्रतिदिन लगभग 25 लीटर दूध का उत्पादन होता है। यही नहीं, इन बहनों ने दूध से आगे बढ़कर पनीर और घी का उत्पादन भी शुरू किया है। उनका घी बाज़ार में ₹4,000 प्रति किलो की दर से बिकता है।

80,000 से 1.5 लाख रुपये की मासिक कमाई

इनकी मासिक कमाई अब ₹80,000 से लेकर ₹1.5 लाख रुपये तक पहुंच चुकी है। इस पूरी प्रक्रिया में वे सतत और ऑर्गेनिक खेती के सिद्धांतों का पालन करती हैं। बकरियों को वे घर पर उगाई गई मोरिंगा (सहजन) खिलाती हैं और बकरी के गोबर को खाद के रूप में उपयोग करती हैं।

पढ़ाई और कारोबार में संतुलन

मन्नत और एकनूर अपने इस व्यवसाय को पढ़ाई के साथ बखूबी संभाल रही हैं। वे सिर्फ खुद ही नहीं सीख रही हैं, बल्कि अन्य महिलाओं को भी ट्रेनिंग देकर आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा दे रही हैं। अब तक कई महिलाएं इनसे प्रशिक्षण लेकर खुद का व्यवसाय शुरू कर चुकी हैं।

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