Edited By Parveen Kumar,Updated: 05 May, 2025 05:43 PM

उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग अब बच्चों की सुरक्षा को लेकर स्कूली वाहनों की रफ्तार पर सख्त नजर रखेगा। अगर कोई स्कूली बस या वैन 40 किमी प्रति घंटे से ज्यादा की रफ्तार से दौड़ती पाई जाती है, तो संबंधित स्कूल की मान्यता रद्द करने तक की सिफारिश की जा सकती...
नेशनल डेस्क: उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग अब बच्चों की सुरक्षा को लेकर स्कूली वाहनों की रफ्तार पर सख्त नजर रखेगा। अगर कोई स्कूली बस या वैन 40 किमी प्रति घंटे से ज्यादा की रफ्तार से दौड़ती पाई जाती है, तो संबंधित स्कूल की मान्यता रद्द करने तक की सिफारिश की जा सकती है। इस कदम से न केवल स्कूली वाहनों की तेज रफ्तार पर रोक लगेगी, बल्कि छात्रों की सुरक्षा भी सुनिश्चित हो सकेगी।
दरअसल, परिवहन विभाग को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि कुछ स्कूली वाहन चालक स्पीड गवर्नर से छेड़छाड़ कर वाहनों की रफ्तार बढ़ा रहे हैं। निर्धारित सीमा 40 किमी प्रति घंटे के बजाय कई वाहन 70-80 किमी की रफ्तार से चलाए जा रहे थे, जिससे दुर्घटना की आशंका बढ़ रही थी। अब विभाग ने यह स्पष्ट किया है कि अगर ये नियम तोड़े गए तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
आरटीओ प्रवर्तन अधिकारी संदीप कुमार पंकज ने बताया कि परिवहन विभाग बच्चों की सुरक्षा को लेकर लगातार अभियान चला रहा है। अब भी स्कूली वाहनों की सख्त निगरानी की जाएगी। ओवरस्पीडिंग और ओवरलोडिंग जैसे मामलों में स्कूल प्रबंधन और वाहन मालिक को जिम्मेदार ठहराया जाएगा। बच्चों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
स्कूली वाहनों की रफ्तार पर नजर रखने के लिए अब अफसर शहर के प्रमुख मार्गों और स्कूलों के बाहर स्पीड गवर्नर की जांच करेंगे।