Edited By Parveen Kumar,Updated: 14 Jan, 2026 05:21 PM

Henley Passport Index 2026 की नई रिपोर्ट सामने आते ही दुनिया भर में पासपोर्ट की ताकत को लेकर बड़ी हलचल मच गई है। इस साल भी एशियाई देशों का दबदबा साफ नजर आ रहा है, लेकिन भारत के लिए भी राहत और उम्मीद की खबर है।
नेशनल डेस्क: Henley Passport Index 2026 की नई रिपोर्ट सामने आते ही दुनिया भर में पासपोर्ट की ताकत को लेकर बड़ी हलचल मच गई है। इस साल भी एशियाई देशों का दबदबा साफ नजर आ रहा है, लेकिन भारत के लिए भी राहत और उम्मीद की खबर है।
फिर से नंबर वन बना सिंगापुर
इस बार भी सिंगापुर का पासपोर्ट दुनिया का सबसे ताकतवर साबित हुआ है। सिंगापुर के नागरिक 192 देशों में बिना वीजा यात्रा कर सकते हैं। यानी दुनिया का लगभग पूरा नक्शा उनके लिए खुला हुआ है।
इसके ठीक बाद जापान और साउथ कोरिया हैं, जिनके पासपोर्ट से 188 देशों में वीजा-फ्री एंट्री मिलती है।
UAE ने मारी जबरदस्त छलांग
संयुक्त अरब अमीरात (UAE) इस साल खास चर्चा में रहा। UAE का पासपोर्ट टॉप रैंकिंग में मजबूती से आगे बढ़ते हुए पांचवें स्थान तक पहुंच गया है, जो उसकी बढ़ती वैश्विक पकड़ को दिखाता है।
भारत के पासपोर्ट की रैंकिंग में सुधार
भारत के लिए भी यह रिपोर्ट अच्छी खबर लेकर आई है। भारतीय पासपोर्ट ने इस बार पांच पायदान की छलांग लगाई है। भारत अब 80वें स्थान पर पहुंच गया है और इस रैंक पर अल्जीरिया के साथ बराबरी करता है। पहले भारत की रैंकिंग 85वीं थी।अब भारतीय नागरिक 55 देशों में बिना पहले से वीजा लिए यात्रा कर सकते हैं। इसमें वीजा-फ्री, वीजा ऑन अराइवल और इलेक्ट्रॉनिक ट्रैवल ऑथराइजेशन (ETA) जैसी सुविधाएं शामिल हैं।
भारतीय यात्रियों को कहां मिलेगा सबसे ज्यादा फायदा
इस बढ़ी हुई पासपोर्ट ताकत का सीधा फायदा भारतीय यात्रियों को मिलेगा। एशिया, अफ्रीका, ओशिनिया, कैरेबियन और मिडिल ईस्ट के कई देशों में अब यात्रा पहले से ज्यादा आसान हो गई है।
वीजा-फ्री जाने वाले प्रमुख देश: थाईलैंड, मलेशिया, मॉरीशस, नेपाल, बारबाडोस, फिजी, सेंट विंसेंट एंड द ग्रेनेडाइंस आदि।
वीजा ऑन अराइवल या ETA वाले देश: इंडोनेशिया, मालदीव, श्रीलंका, केन्या, जॉर्डन, फिलीपींस समेत कई अन्य देश।
2026 में दुनिया के टॉप 10 सबसे ताकतवर पासपोर्ट
- सिंगापुर – 192 देश
- जापान – 188 देश
- साउथ कोरिया – 188 देश
- डेनमार्क, लक्ज़मबर्ग, स्पेन, स्वीडन, स्विट्जरलैंड – 186 देश
- ऑस्ट्रिया, बेल्जियम, फिनलैंड, फ्रांस, जर्मनी, ग्रीस, आयरलैंड, इटली, नीदरलैंड, नॉर्वे – 185 देश
- हंगरी, पुर्तगाल, स्लोवाकिया, स्लोवेनिया, UAE – 184 देश
आगे क्या संकेत देती है यह रिपोर्ट?
कुल मिलाकर, Henley Passport Index 2026 यह साफ संकेत देता है कि भारत के पासपोर्ट की ताकत धीरे-धीरे बढ़ रही है। अगर यही रफ्तार बनी रही, तो आने वाले वर्षों में भारतीयों के लिए अंतरराष्ट्रीय यात्रा और भी आसान, सस्ती और बिना झंझट वाली हो सकती है।