Edited By Radhika,Updated: 23 Feb, 2026 01:37 PM

पश्चिम बंगाल में आगामी राजनीतिक हलचलों के बीच पीएम मोदी ने बंगाल के नाम पत्र लिखा है। पीएम ने राज्य के मतदाताओं को बंगाली और हिंदी भाषा में एक पत्र लिखकर सीधा संवाद किया है। इस पत्र के जरिए पीएम ने 'एबार बीजेपी सरकार' (इस बार भाजपा सरकार) का नारा...
नेशनल डेस्क: पश्चिम बंगाल में आगामी राजनीतिक हलचलों के बीच पीएम मोदी ने बंगाल के नाम पत्र लिखा है। पीएम ने राज्य के मतदाताओं को बंगाली और हिंदी भाषा में एक पत्र लिखकर सीधा संवाद किया है। इस पत्र के जरिए पीएम ने 'एबार बीजेपी सरकार' (इस बार भाजपा सरकार) का नारा देते हुए बंगाल की वर्तमान स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की है और राज्य के कायाकल्प का संकल्प दोहराया है।
'सोनार बंगाल' का सपना और सुरक्षा पर सवाल
प्रधानमंत्री ने अपने पत्र में लिखा कि 'सोनार बंगाल' की चाह रखने वाला आज हर नागरिक दुखी है। उन्होंने राज्य की कानून-व्यवस्था पर प्रहार करते हुए कहा कि बंगाल की माताएं और बहनें आज खुद को असुरक्षित महसूस कर रही हैं। पीएम के अनुसार, अवैध घुसपैठ और महिलाओं के खिलाफ बढ़ती हिंसा ने राज्य की छवि को धूमिल किया है। उन्होंने वादा किया कि वे बंगाल को एक विकसित और समृद्ध प्रदेश बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।

कल्याणकारी योजनाओं का रिपोर्ट कार्ड
पिछले 11 वर्षों के कार्यकाल का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने बताया कि उनकी सरकार ने जनहित को ही सर्वोपरि रखा है। राज्य सरकार से अपेक्षित सहयोग न मिलने के बावजूद केंद्र ने बंगाल में बड़े स्तर पर काम किए हैं। जन-धन योजना के जरिए लगभग 5 करोड़ लोगों को बैंकिंग सिस्टम से जोड़ा गया और स्वच्छ भारत अभियान के तहत 85 लाख शौचालयों का निर्माण हुआ। भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए पीएम ने कहा कि जब गरीबों का हक छीना जा रहा था, तब केंद्र ने छोटे व्यापारियों को 2.8 लाख करोड़ रुपये का कर्ज देकर सहारा दिया। उन्होंने गांव-गांव तक पहुँची बिजली, पानी और सड़कों को अपनी सरकार की नीतियों का सुखद परिणाम बताया।
मातृशक्ति पर भरोसा
अपने संदेश के अंत में पीएम ने महिलाओं के साहस की सराहना करते हुए कहा कि मेहनती महिलाएं ही देश को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगी। उन्होंने बंगाल के हर परिवार की खुशहाली और प्रगति की कामना करते हुए सम्मानजनक जीवन देने का भरोसा दिलाया।