Edited By Rohini Oberoi,Updated: 16 Jan, 2026 11:20 AM

पश्चिम एशिया में बिगड़ते सुरक्षा हालातों और बढ़ती अनिश्चितता को देखते हुए भारत, अमेरिका, ब्रिटेन और कनाडा ने अपने नागरिकों के लिए सख्त चेतावनी जारी की है। इन देशों ने अपने नागरिकों को सलाह दी है कि वे फिलहाल इजरायल की यात्रा (Travel to Israel) करने से...
India Travel Advisory : पश्चिम एशिया में बिगड़ते सुरक्षा हालातों और बढ़ती अनिश्चितता को देखते हुए भारत, अमेरिका, ब्रिटेन और कनाडा ने अपने नागरिकों के लिए सख्त चेतावनी जारी की है। इन देशों ने अपने नागरिकों को सलाह दी है कि वे फिलहाल इजरायल की यात्रा (Travel to Israel) करने से बचें। यह कदम क्षेत्रीय तनाव के अचानक बढ़ने की आशंका के मद्देनजर उठाया गया है।
भारतीय दूतावास की अपील: सतर्क रहें और सुरक्षित रहें
तेल अवीव स्थित भारतीय दूतावास इजरायल में रह रहे भारतीय नागरिकों के साथ लगातार संपर्क में है। दूतावास ने सोशल मीडिया और आधिकारिक माध्यमों से एक विशेष दिशा-निर्देश (Advisory) जारी किया है। भारतीयों को सलाह दी गई है कि वे इजरायल के भीतर या बाहर किसी भी ऐसी यात्रा से परहेज करें जो बहुत जरूरी न हो। दूतावास ने नागरिकों से इजरायली अधिकारियों और वहां के होम फ्रंट कमांड द्वारा जारी सुरक्षा प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन करने को कहा है। दूतावास ने इजरायल में रहने वाले सभी भारतीयों से अपना विवरण दूतावास के डेटाबेस में अपडेट रखने का आग्रह किया है ताकि आपात स्थिति में मदद पहुंचाई जा सके।
वैश्विक प्रतिक्रिया: अमेरिका और ब्रिटेन भी अलर्ट पर
भारत के अलावा दुनिया की अन्य प्रमुख शक्तियों ने भी अपने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए हैं:
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अमेरिका (USA): अमेरिकी विदेश विभाग ने अपने राजनयिकों और उनके परिवारों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगा दिया है और नागरिकों को युद्धग्रस्त क्षेत्रों से दूर रहने को कहा है।
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ब्रिटेन (UK) और कनाडा: दोनों देशों ने अपने नागरिकों को स्पष्ट रूप से चेतावनी दी है कि इजरायल और उसके पड़ोसी देशों के बीच सैन्य संघर्ष बढ़ने का खतरा है इसलिए यात्रा का यह सही समय नहीं है।
क्यों पैदा हुई ऐसी स्थिति?
क्षेत्रीय सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार इजरायल और उसके प्रतिद्वंद्वी गुटों के बीच हालिया सैन्य गतिविधियों ने तनाव को चरम पर पहुंचा दिया है। खुफिया रिपोर्टों के अनुसार आने वाले कुछ दिनों में हवाई हमलों या रॉकेट हमलों की संभावना बढ़ गई है। लेबनान और गाजा से लगी सीमाओं पर सैन्य जमावड़ा बढ़ रहा है जिससे आम नागरिकों के लिए जोखिम बढ़ गया है।