Edited By Anu Malhotra,Updated: 23 Feb, 2026 10:18 AM

फरवरी का महीना अभी खत्म भी नहीं हुआ है और मौसम ने अपनी करवटें बदलनी शुरू कर दी हैं। देश के कई राज्यों में अचानक ऐसा माहौल बन गया है जैसे मानसून ने समय से पहले ही दस्तक दे दी हो। बंगाल की खाड़ी से उठने वाली नमी भरी हवाओं ने मैदानी इलाकों का रुख कर...
नेशनल डेस्क: फरवरी का महीना अभी खत्म भी नहीं हुआ है और मौसम ने अपनी करवटें बदलनी शुरू कर दी हैं। देश के कई राज्यों में अचानक ऐसा माहौल बन गया है जैसे मानसून ने समय से पहले ही दस्तक दे दी हो। बंगाल की खाड़ी से उठने वाली नमी भरी हवाओं ने मैदानी इलाकों का रुख कर लिया है, जिसके चलते अगले दो दिनों तक कई राज्यों में बादलों का डेरा रहेगा और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की पूरी संभावना है।
इन इलाकों में छताएगा सावन जैसा नजारा
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, एक विशेष मौसमी सिस्टम (Anti-Cyclone) की वजह से मध्य और पूर्वी भारत के राज्यों में हलचल तेज हो गई है। इसका सबसे ज्यादा असर आज और कल ओडिशा, छत्तीसगढ़ और विदर्भ के इलाकों में देखने को मिलेगा। यहां आसमान में बिजली कड़कने के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। शाम होते-होते यह असर झारखंड और पश्चिम बंगाल के गांगेय क्षेत्रों तक भी फैल जाएगा। उमस बढ़ने के साथ ही लोगों को हल्की ठंडक का अहसास होगा, जो बढ़ती गर्मी से थोड़ी राहत दिला सकता है।
उत्तर और पश्चिम में गर्मी का सितम जारी
एक तरफ जहां पूरब और मध्य भारत में बूंदें गिर रही हैं, वहीं दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान जैसे राज्यों में कहानी बिल्कुल अलग है। यहां पहाड़ों से आने वाले पश्चिमी विक्षोभ के कमजोर पड़ने की वजह से मौसम पूरी तरह शुष्क बना हुआ है। तपती धूप के कारण दिन का पारा सामान्य से 2 से 4 डिग्री ऊपर जा सकता है, जिससे लोगों को समय से पहले ही चुभती गर्मी का सामना करना पड़ रहा है।
बिहार-यूपी और दक्षिण का हाल
उत्तर प्रदेश और बिहार के लोगों के लिए राहत की बात यह है कि यहां बारिश का खतरा ज्यादा नहीं है। हालांकि आसमान में बादलों की लुका-छिपी चलती रहेगी, लेकिन मौसम विभाग का मानना है कि यहां जल्द ही स्थिरता लौट आएगी। वहीं, सुदूर दक्षिण में केरल और कर्नाटक के कुछ हिस्सों में छिटपुट बारिश की उम्मीद जताई गई है। कुल मिलाकर, अगले 48 घंटे देश के एक बड़े हिस्से के लिए मौसम के मिजाज में उतार-चढ़ाव वाले रहने वाले हैं।