Edited By Ashutosh Chaubey,Updated: 14 May, 2025 04:17 PM

तुर्किये की पाकिस्तान को खुला समर्थन देना अब उसे भारी पड़ रहा है। भारत के सबसे बड़े मार्बल हब राजस्थान ने तुर्की को आर्थिक झटका दे दिया है। यहां के व्यापारियों ने तुर्की से मार्बल सहित अन्य उत्पादों का आयात रोकने का ऐलान कर दिया है।
इंटरनेशलन डेस्क: तुर्किये की पाकिस्तान को खुला समर्थन देना अब उसे भारी पड़ रहा है। भारत के सबसे बड़े मार्बल हब राजस्थान ने तुर्की को आर्थिक झटका दे दिया है। यहां के व्यापारियों ने तुर्की से मार्बल सहित अन्य उत्पादों का आयात रोकने का ऐलान कर दिया है। यह फैसला देश के प्रति निष्ठा और आत्मसम्मान की भावना से प्रेरित बताया जा रहा है। राजस्थान के उदयपुर में स्थित एशिया की सबसे बड़ी मार्बल मंडी में अब तुर्किये से आने वाला माल नहीं बिकेगा। यहां के व्यापारियों ने एकजुट होकर यह ठान लिया है कि जब तक तुर्की पाकिस्तान का समर्थन करता रहेगा, तब तक उनके देश का कोई भी सामान भारत में नहीं बिकेगा। इस फैसले को न सिर्फ व्यापारिक निर्णय के तौर पर देखा जा रहा है बल्कि यह देशभक्ति का प्रतीक भी बन गया है।
ऑपरेशन सिंदूर के बाद बढ़ा गुस्सा
हाल ही में भारतीय सेना द्वारा पाकिस्तान के खिलाफ की गई जवाबी कार्रवाई यानी ऑपरेशन सिंदूर के दौरान यह बात सामने आई थी कि पाकिस्तान ने जिन ड्रोन का इस्तेमाल किया, वे तुर्की से लिए गए थे। भारतीय सशस्त्र बलों की फोरेंसिक जांच में पता चला कि ये ड्रोन तुर्की के ‘अस्सिगार्ड सोंगर’ मॉडल के थे। इससे भारतीय जनता और व्यापारी वर्ग में भारी रोष पैदा हो गया। उदयपुर मार्बल प्रोसेसर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष कपिल सुराना ने स्पष्ट किया कि उनके लिए राष्ट्र पहले है और व्यापार बाद में। उन्होंने कहा कि अगर प्रधानमंत्री मोदी किसी देश पर प्रतिबंध लगाते हैं तो वे पूरी तरह सरकार के साथ खड़े होंगे। इतना ही नहीं उन्होंने खुद प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर आग्रह किया है कि तुर्की से आने वाले हर उत्पाद पर बैन लगाया जाए।
देशभर में फैल सकता है बहिष्कार
सिर्फ उदयपुर ही नहीं, अगर भारत के अन्य व्यापारिक संगठन भी इसी राह पर चलते हैं, तो तुर्किये के लिए यह बड़ा आर्थिक झटका होगा। सुराना ने कहा कि अगर बाकी व्यापारी भी यह कदम उठाते हैं, तो यह दुनिया को एक स्पष्ट संदेश देगा कि भारत के व्यापारी सरकार और राष्ट्र के साथ हैं। हितेश पटेल, एसोसिएशन के महासचिव ने बताया कि भारत हर साल करीब 14-18 लाख टन मार्बल का आयात करता है, जिसमें से 70 प्रतिशत माल तुर्की से आता है। इसकी कुल लागत करीब 2500 से 3000 करोड़ रुपये होती है। अगर यह आयात बंद होता है तो तुर्की की अर्थव्यवस्था को तगड़ा नुकसान होगा।
केवल मार्बल नहीं, बाकी उत्पादों पर भी बैन की मांग
व्यापारियों ने मांग की है कि सिर्फ मार्बल ही नहीं, तुर्की से आने वाले हर सामान पर बैन लगाया जाए। इससे तुर्की को अपनी गलती का अहसास होगा और भविष्य में वह भारत विरोधी कदम उठाने से पहले कई बार सोचेगा। अब तक सरकार ने तुर्किये को लेकर कोई औपचारिक बैन लागू नहीं किया है। लेकिन इससे पहले ही राजस्थान के व्यापारी अपनी ओर से प्रतिबंध लगा चुके हैं। यह कदम सिर्फ आर्थिक नहीं बल्कि राजनीतिक और कूटनीतिक संकेत भी देता है।