Edited By Mehak,Updated: 16 Jan, 2026 05:06 PM

देश में सोने की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं और आम आदमी की पहुंच धीरे-धीरे कम होती जा रही है। दिल्ली, जयपुर, लखनऊ और चंडीगढ़ में 24 कैरेट सोना अब 1,43,760 रुपये प्रति 10 ग्राम पहुंच चुका है। अगर मौजूदा रफ्तार जारी रही, तो 2050 तक 10 ग्राम सोना लगभग 40...
नेशनल डेस्क : देश में सोने के दाम लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहे हैं, जिससे यह धीरे-धीरे आम लोगों की पहुंच से बाहर होता नजर आ रहा है। दिल्ली, जयपुर, लखनऊ और चंडीगढ़ जैसे बड़े शहरों में इस समय 24 कैरेट सोना करीब 1,43,760 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बिक रहा है, जबकि 22 कैरेट सोने का भाव लगभग 1,31,790 रुपये प्रति 10 ग्राम है। बढ़ती कीमतों ने लोगों को सोने की भविष्य की वैल्यू पर सोचने के लिए मजबूर कर दिया है।
महंगाई और पैसे की घटती ताकत
जैसे-जैसे महंगाई बढ़ती है, वैसे-वैसे पैसों की खरीदने की क्षमता कम होती जाती है। आज जो रकम बड़ी लगती है, वही आने वाले सालों में उतनी ताकतवर नहीं रह जाती। यही वजह है कि लोग यह जानना चाहते हैं कि आने वाले 20–25 सालों में उनकी जमा पूंजी की असली कीमत क्या होगी। खासतौर पर यह सवाल उठता है कि 2050 तक सोने के दाम कहां पहुंच सकते हैं।
सोने ने दिया मजबूत रिटर्न
बीते कुछ दशकों में सोने ने निवेशकों को शानदार रिटर्न दिया है। साल 2000 में 24 कैरेट सोने की कीमत करीब 4,400 रुपये प्रति 10 ग्राम थी। 2020 तक यह बढ़कर 50,000 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई और अब यह 1.40 लाख रुपये के पार पहुंच चुकी है। इसका मतलब है कि कुछ ही वर्षों में सोने की कीमतों में कई गुना इजाफा हुआ है। आंकड़ों के मुताबिक, पिछले करीब 30 वर्षों में भारत में सोने ने औसतन 10 प्रतिशत से ज्यादा सालाना (CAGR) रिटर्न दिया है, जो कई पारंपरिक निवेश विकल्पों से बेहतर माना जाता है।
कीमत बढ़ने की बड़ी वजहें
सोने की कीमतों में तेजी के पीछे कई कारण हैं। रुपये का कमजोर होना, महंगाई, वैश्विक तनाव, आर्थिक अनिश्चितता और दुनिया भर के केंद्रीय बैंकों की लगातार सोने की खरीदारी इसकी मांग बढ़ा रही है। सुरक्षित निवेश (सेफ हेवन) के तौर पर सोने की अहमियत बढ़ने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी इसके दाम ऊपर गए हैं, जिसका असर भारत में साफ दिखता है।
2050 तक कहां पहुंच सकते हैं दाम?
अगर मौजूदा रफ्तार से सोने की कीमतें आगे भी बढ़ती रहीं और औसतन 14–15 प्रतिशत सालाना की दर से इजाफा हुआ, तो अनुमान लगाया जा रहा है कि 2050 तक 10 ग्राम सोने की कीमत करीब 40 लाख रुपये तक पहुंच सकती है। ऐसे में उस समय 1 करोड़ रुपये में सिर्फ लगभग 25 ग्राम सोना ही खरीदा जा सकेगा। हालांकि यह केवल एक अनुमान है। भविष्य में सोने की कीमतें ब्याज दरों, डॉलर की स्थिति, वैश्विक अर्थव्यवस्था और सरकारी नीतियों जैसे कई कारकों पर निर्भर करेंगी। फिर भी मौजूदा रुझानों को देखते हुए यह साफ है कि सिर्फ पैसे बचाना ही नहीं, बल्कि महंगाई को ध्यान में रखते हुए सही निवेश रणनीति बनाना बेहद जरूरी हो गया है।