गेहूं के निर्यात पर प्रतिबंध, तब भी आठ महीने में 30% ज्यादा हुआ

Edited By Updated: 31 Dec, 2022 12:40 PM

ban on export of wheat even then it increased by 30

इस साल देश में गेहूं के दाम में भारी बढ़ोतरी हुई है। यही वजह है कि इस समय आम आदमी के उपयोग का खुला आटा भी 35 रुपए किलो बिक रहा है। बाजार में गेहूं की बढ़ती कीमतों को देखते हुए इस साल मई में ही इसके निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया गया था। तब भी

नई दिल्ली: इस साल देश में गेहूं के दाम में भारी बढ़ोतरी हुई है। यही वजह है कि इस समय आम आदमी के उपयोग का खुला आटा भी 35 रुपए किलो बिक रहा है। बाजार में गेहूं की बढ़ती कीमतों को देखते हुए इस साल मई में ही इसके निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया गया था। तब भी इस साल अप्रैल से नवंबर तक गेहूं के निर्यात में करीब 30 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। यह जानकारी केंद्र सरकार के आंकड़ों से मिली है।

डेढ़ अरब डॉलर का हो गया गेहूं निर्यात

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय से शुक्रवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक प्रतिबंध के बावजूद गेहूं का निर्यात पिछले साल से भी ज्यादा रहा है। चालू वित्त वर्ष में अप्रैल-नवंबर के दौरान यह 29.29 फीसदी बढ़ कर 1.50 अरब डॉलर पर पहुंच गया। पिछले साल इसी अवधि में 1.17 अरब डॉलर के गेहूं का निर्यात हुआ था। उल्लेखनीय है कि घरेलू बाजार में गेहूं की बढ़ती कीमतों को देखते हुए केंद्र सरकार ने मई में गेहूं के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया था। हालांकि, अनुरोध करने वाले देशों की खाद्य सुरक्षा जरूरतों को पूरा करने के लिए गेहूं के थोड़ा-बहुत निर्यात करने की अनुमति है।

किस देश को हुआ सबसे ज्यादा निर्यात

भारत से इस साल सबसे ज्यादा गेहूं का निर्यात बंगलादेश को हुआ है। कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास परिषद के आंकड़ों के मुताबिक इस साल बंगलादेश को 4082843 मिलियन टन गेहूं का निर्यात किया गया। इससे भारत को 889,398.88 लाख रुपए मिले। बंगलादेश के बाद भारत से सबसे ज्यादा गेहूं का निर्यात श्रीलंका को किया गया। वहां इस साल अभी तक 582917 मिलियन टन गेहूं का निर्यात किया गया। इसके बाद संयुक्त अरब अमिरात का स्थान रहा।

चावल का निर्यात भी 40% बढ़ा

वाणिज्य मंत्रालय के मुताबिक इस साल के शुरूआती आठ महीने में बासमती चावल का निर्यात भी बढ़ा है। अप्रैल-नवंबर 2022 के दौरान चावल का निर्यात 39.26 फीसदी बढ़ कर 2.87 अरब डॉलर तक पहुंच गया है। इसी अवधि में गैर-बासमती चावल का निर्यात 5 फीसदी बढ़कर 4.2 अरब डॉलर का रहा। चालू वित्त वर्ष के आठ महीनों में कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों का निर्यात 16 प्रतिशत बढ़कर 17.43 अरब डॉलर का हो गया।

इस साल बढ़ा दिया गया है लक्ष्य

मंत्रालय ने कहा, ‘‘वर्ष 2022-23 में, कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों के लिए 23.56 अरब डॉलर का निर्यात लक्ष्य निर्धारित किया गया है। चालू वित्त वर्ष के आठ महीनों में 17.435 अरब डॉलर का निर्यात पहले ही हासिल किया जा चुका है।’’ इसलिए शेष बचे चार महीने में यह लक्ष्य आसानी से पूरा हो जाने की संभावना है।

दालों का निर्यात भी बढ़ा है

चालू वित्तवर्ष के आठ महीनों में दाल का निर्यात भी 90.49 फीसदी बढ़ा है। इस साल विभिन्न किस्क के दालों का निर्यात बढ़ कर 39.2 करोड़ डॉलर तक चला गया है। इसी तरह डेयरी प्रोडक्ट का निर्यात चालू वित्त वर्ष में अप्रैल-नवंबर के दौरान 33.77 फीसदी बढ़कर 42.1 करोड़ डॉलर रहा जो एक साल पहले इसी अवधि में 31.5 करोड़ डॉलर रहा था।
 

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