Edited By jyoti choudhary,Updated: 08 Jan, 2026 06:28 PM

गुरुवार निवेशकों के लिए भारी झटका लेकर आया। शेयर बाजार के साथ-साथ क्रिप्टो मार्केट में भी जबरदस्त बिकवाली देखने को मिली। लगभग सभी प्रमुख क्रिप्टोकरेंसी लाल निशान में रहीं, जिससे वैश्विक क्रिप्टो बाजार की वैल्यू 24 घंटे में 2 फीसदी से ज्यादा गिरकर...
बिजनेस डेस्कः गुरुवार निवेशकों के लिए भारी झटका लेकर आया। शेयर बाजार के साथ-साथ क्रिप्टो मार्केट में भी जबरदस्त बिकवाली देखने को मिली। लगभग सभी प्रमुख क्रिप्टोकरेंसी लाल निशान में रहीं, जिससे वैश्विक क्रिप्टो बाजार की वैल्यू 24 घंटे में 2 फीसदी से ज्यादा गिरकर 3.09 ट्रिलियन डॉलर रह गई। इस गिरावट में निवेशकों को करीब 6.30 लाख करोड़ रुपए का नुकसान हुआ।
बुधवार शाम 4:30 बजे क्रिप्टो का ग्लोबल मार्केट कैप 3.16 ट्रिलियन डॉलर था, जो गुरुवार शाम तक 2.36 फीसदी टूटकर 3.09 ट्रिलियन डॉलर पर आ गया। तेज बिकवाली के चलते बिटकॉइन एक बार फिर 90,000 डॉलर के अहम स्तर से नीचे फिसल गया, हालांकि बाद में इसमें हल्की रिकवरी देखने को मिली।
बिटकॉइन समेत बड़ी क्रिप्टो लुढ़की
पिछले 24 घंटों में बिटकॉइन करीब 2 फीसदी टूट गया। इथेरियम में 3 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई और यह 3,110 डॉलर के आसपास कारोबार करता दिखा। वहीं रिपल सबसे ज्यादा दबाव में रहा और इसमें 7 फीसदी से ज्यादा की गिरावट आई। इसके अलावा बाइनेंस कॉइन करीब 3 फीसदी, सोलाना 2 फीसदी से ज्यादा, डॉगकॉइन 5 फीसदी और कार्डानो 6 फीसदी से अधिक टूट गया।
गिरावट की वजह क्या रही?
क्रिप्टो मार्केट में इस गिरावट की बड़ी वजह मुनाफावसूली मानी जा रही है। इसके साथ ही वैश्विक भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं और वेनेजुएला से जुड़े घटनाक्रम ने भी बाजार की धारणा को कमजोर किया है।
वजीरएक्स के फाउंडर निश्चल शेट्टी के मुताबिक, पिछले 24 घंटों में बाजार ठहराव के दौर में रहा है और ग्लोबल अनिश्चितता के चलते निवेशकों का जोखिम लेने का रुझान कम हुआ है, जिसका सीधा असर क्रिप्टो जैसी जोखिम भरी संपत्तियों पर पड़ा।