Edited By jyoti choudhary,Updated: 10 Sep, 2023 12:20 PM

भारत में अब जल्द ही 6जी को लेकर तैयारियां की जा रही है। पूरी दुनिया अब तेजी से 6जी की तरफ कदम बढ़ा रही है। अब भारत और अमेरिका 6जी टेक्नोलॉजी पर मिलकर काम करेंगे। अमेरिका और भारत के बीच टेक्नीकम्युनिकेशन सेक्टर में एक महत्वपूर्ण साझेदारी हुई है।...
नई दिल्ली: भारत में अब जल्द ही 6जी को लेकर तैयारियां की जा रही है। पूरी दुनिया अब तेजी से 6जी की तरफ कदम बढ़ा रही है। अब भारत और अमेरिका 6जी टेक्नोलॉजी पर मिलकर काम करेंगे। अमेरिका और भारत के बीच टेक्नीकम्युनिकेशन सेक्टर में एक महत्वपूर्ण साझेदारी हुई है। एटीआईएस के नेक्स्ट जी एलायंस और भारत 6जी एलायंस के बीच एक एमओयू साइन हुआ है। इस एमओयू के तहत दोनों ही एलायंस 5जी और 6जी टेक्नोलॉजी के बेहतर विकास के लिए एक दूसरे का सहयोग करेंगे।
6जी पर रिसर्च शुरू
बता दें कि दुनिया के तमाम देशों ने 6जी पर रिसर्च शुरू कर दी है। भारत और अमेरिका के बीच भी टेक्नोलॉजी सेक्टर में एक बड़ी और महत्वपूर्ण साझेदारी हुई है। टीआईएस के नेक्स्ट जी एलायंस और भारत 6जी एलायंस के बीच साइन हुए एमओयू के तहत दोनों ही देश 6जी वायरलेस टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में एक दूसरे का सहयोग करेंगे। दोनों देश नए मौकों को तलाशेंगे। पीएम मोदी ओर अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने इस समझौते का स्वागत किया है।
कई कंपनियां शामिल
एटीआईएस के नेक्स्ट जी एलायंस का मुख्य काम 6जी और उसके आगे की टेलीकम्युनिकेशन इंडस्ट्री में अमेरिका को मजबूत करना है। इसका सबसे ज्यादा ध्यान नॉर्थ अमेरिका पर है। 5जी की अगली पीढ़ी पर भी ये एलायंस काम कर रहा है। इस एलायंस में कई सरकारी एजेंसी, एकेडमिक इंस्टीट्यूट ओर अमेरिकी कंपनियां शामिल हैं। यह एक दूसरे के साथ मिलकर टेलीकम्यूनिकेशन की फील्ड में काम कर रहे हैं।
दोनों देश करेंगे मदद
बता दें कि पीएमओ की ओर से जारी बयान में बताया गया है कि इस साझेदारी के तहत प्रमुख भारतीय टेलीकॉम ऑपरेटर अमेरिकी मैन्युफैक्चर्र के 5जी ओपन रेडियो एक्सेस सिस्टम के पायलेट प्रोजेक्ट में हिस्सा ले सकेगा। ये बैठक जी-20 शिखर सम्मेलन से पहले हुई है। सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन पर भी इस बैठक में बातचीत की गई।