मानसून के आगे बढ़ने के साथ धान की बुवाई में सुधार होगा: कृषि आयुक्त

Edited By Updated: 24 Jul, 2022 06:29 PM

paddy sowing will improve as monsoon progresses

कृषि आयुक्त ए के सिंह ने कहा है कि मौजूदा खरीफ सत्र के दौरान धान की बुवाई कुछ कम रही है, विशेषकर पूर्वी भारत के इलाकों में लेकिन मानसून के तेजी से आगे बढ़ने के साथ इसमें सुधार आएगा। दक्षिणी क्षेत्रों में अच्छी बारिश होने के कारण बड़े क्षेत्र में धान...

नई दिल्लीः कृषि आयुक्त ए के सिंह ने कहा है कि मौजूदा खरीफ सत्र के दौरान धान की बुवाई कुछ कम रही है, विशेषकर पूर्वी भारत के इलाकों में लेकिन मानसून के तेजी से आगे बढ़ने के साथ इसमें सुधार आएगा। दक्षिणी क्षेत्रों में अच्छी बारिश होने के कारण बड़े क्षेत्र में धान की बुवाई की गई है। वहीं पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी अबतक चिंता की कोई बात नहीं है और ट्यूबवेल सिंचाई की मदद से सामान्य बुवाई पहले ही की जा चुकी है। 

सरकार ने ताजा आंकड़े तो जारी नहीं किए हैं लेकिन 17 जुलाई तक के आंकड़े उपलब्ध हैं जो बताते हैं कि देशभर में धान की बुवाई 17.4 प्रतिशत की कमी के साथ इस खरीफ सीजन में 128.50 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में हुई है जो पिछले वर्ष के 155.53 लाख हेक्टेयर की तुलना में कम है। खरीफ की फसलों की बुवाई जून में दक्षिण पश्चिमी मानसून के आगमन के साथ शुरू की जाती है। धान एक प्रमुख खरीफ फसल है। वहीं भारत मौसम विज्ञान विभाग ने इस वर्ष दक्षिण-पश्चिम मानसून के सामान्य रहने का अनुमान जताया है। एक जून से 20 जून के बीच देश में 11 प्रतिशत अधिक बारिश हुई है लेकिन पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में 14 फीसदी कम और उत्तर पश्चिमी भारत में नौ प्रतिशत बारिश कम हुई है।

कृषि आयुक्त ने कहा, ‘‘मुझे उम्मीद है कि बुवाई के मामले में हालात सामान्य रहेंगे बल्कि आने वाले वक्त में बेहतर होंगे। अब बारिश हर जगह शुरू हो चुकी है ऐसे में जो फसल बोई गई है वह सुरक्षित रहनी चाहिए।'' उन्होंने कहा, ‘‘मानसून तेजी से आगे बढ़ रहा है इसलिए और क्षेत्र में धान बुवाई बेहतर होने के लिए समय है।'' सिंह ने कहा, ‘‘धान की बुवाई कुछ कम हुई है, विशेषकर पूर्वी भारत में, पूर्वी और मध्य उत्तर प्रदेश में लेकिन बारिश शुरू होने से उन इलाकों में भी बुवाई हो जाएगी।'' 

उन्होंने बताया कि दक्षिण क्षेत्र में धान की बुवाई में अब तक कोई कमी नहीं है। दक्षिणी राज्यों में अच्छी बारिश हुई है और सभी इलाकों में हुई है इसलिए धान की बुवाई भी बड़े क्षेत्र में की गई है। सरकार ने 2022-23 के फसल वर्ष (जुलाई से जून) के खरीफ सीजन में 11.2 करोड़ टन धान उत्पादन का लक्ष्य रखा है।

Related Story

Trending Topics

IPL
Royal Challengers Bengaluru

190/9

20.0

Punjab Kings

184/7

20.0

Royal Challengers Bengaluru win by 6 runs

RR 9.50
img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!