Banke Bihari Temple Controversy : बांके बिहारी मंदिर के ठेके को लेकर उठा विवाद, फलाहारी महाराज के बयान से मचा हलचल

Edited By Updated: 04 Feb, 2026 08:55 AM

banke bihari temple controversy

मथुरा के विश्व प्रसिद्ध ठाकुर बांके बिहारी मंदिर में रेलिंग लगाने का ठेका एक मुस्लिम ठेकेदार को दिए जाने पर विवाद खड़ा हो गया है। इस मामले में साधु-संतों और ब्रजवासियों ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है।

Banke Bihari Temple Controversy : मथुरा के विश्व प्रसिद्ध ठाकुर बांके बिहारी मंदिर में रेलिंग लगाने का ठेका एक मुस्लिम ठेकेदार को दिए जाने पर विवाद खड़ा हो गया है। इस मामले में साधु-संतों और ब्रजवासियों ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है। वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए स्टील की रेलिंग लगाने का काम मेरठ की एक कंपनी कनिका कंस्ट्रक्शन को दिया गया है। विवाद तब शुरू हुआ जब यह बात सामने आई कि इस फर्म के मालिक सलीम अहमद हैं।

फलाहारी महाराज की तीखी प्रतिक्रिया
श्रीकृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास के अध्यक्ष दिनेश फलाहारी महाराज ने इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर हस्तक्षेप की मांग की है। महाराज ने कहा कि जहां भगवान कृष्ण ने महारास किया, उस पावन प्रांगण में ऐसे लोगों का प्रवेश वर्जित होना चाहिए जो सनातन धर्म के विरोधी हैं। 

उन्होंने कड़े शब्दों में कहा- जो लोग हिंदुओं को 'काफिर' समझते हैं और गोमांस का सेवन करते हैं, उन्हें मंदिर परिसर के एक किलोमीटर के दायरे में भी घुसने नहीं दिया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि ठेकेदार ने अपनी धार्मिक पहचान छिपाकर षड्यंत्र के तहत यह ठेका हासिल किया है। उनका तर्क है कि जब देश में हजारों कुशल हिंदू ठेकेदार मौजूद हैं, तो इस पावन कार्य के लिए मुगलों के वंशजों को मौका क्यों दिया जा रहा है।

प्रशासन और मंदिर पक्ष की सफाई
अधिकारियों का कहना है कि यह ठेका CSR फंड के तहत दिया गया है, न कि मंदिर के सरकारी बजट से। टेंडर की प्रक्रिया नियमों के तहत पूरी की गई है। कुछ सेवायतों का कहना है कि मथुरा-वृंदावन में सदियों से मुस्लिम कारीगर भगवान की पोशाक और आभूषण बनाने का काम करते आ रहे हैं, इसलिए इसे सांप्रदायिक रंग नहीं देना चाहिए।

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