मध्य प्रदेश में पहली बार ! हर अस्पताल में बनेगा गर्भ संस्कार कक्ष, जानिए शास्त्रों में इसका महत्व

Edited By Updated: 03 Feb, 2026 01:19 PM

garbha sanskar kaksh in mp

Garbha Sanskar Kaksh in Madhya Pradesh : मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्वास्थ्य और संस्कृति के मेल से एक दूरगामी निर्णय लिया है। प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं में बदलाव लाते हुए सरकार ने घोषणा की है कि अब राज्य के प्रत्येक सरकारी अस्पताल...

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Garbha Sanskar Kaksh in Madhya Pradesh : मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्वास्थ्य और संस्कृति के मेल से एक दूरगामी निर्णय लिया है। प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं में बदलाव लाते हुए सरकार ने घोषणा की है कि अब राज्य के प्रत्येक सरकारी अस्पताल में एक विशेष गर्भ संस्कार कक्ष स्थापित किया जाएगा। इंदौर के एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने इस योजना का खाका पेश किया।

क्या है इस पहल का उद्देश्य ?
इस योजना का मुख्य लक्ष्य केवल चिकित्सा सुविधा देना नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ी को गर्भ से ही संस्कारित और स्वस्थ बनाना है। मुख्यमंत्री के अनुसार गर्भस्थ शिशु का मानसिक, शारीरिक और आध्यात्मिक विकास सुनिश्चित करना।  यह केवल परंपरा नहीं बल्कि एक वैज्ञानिक पद्धति है, जहां मां की सकारात्मक सोच का सीधा असर शिशु के स्वास्थ्य पर पड़ता है। यहां गर्भवती महिलाओं को एलोपैथी के साथ-साथ आयुर्वेद, योग और सात्विक जीवनशैली का मार्गदर्शन मिलेगा।

इन कक्षों में क्या विशेष होगा ?

सरकारी अस्पतालों में बनने वाले ये गर्भ संस्कार कक्ष एक परामर्श केंद्र के रूप में कार्य करेंगे। 

विशेषज्ञ परामर्श: डॉक्टर और विशेषज्ञ मां के खान-पान और व्यवहार को लेकर सलाह देंगे।

मानसिक स्वास्थ्य: मां को तनावमुक्त रखने के लिए संगीत, ध्यान और सकारात्मक साहित्य की व्यवस्था।

योग और व्यायाम: गर्भावस्था के अनुकूल योग अभ्यासों का प्रशिक्षण।

प्राचीन ज्ञान: भारतीय शास्त्रों में वर्णित गर्भ संस्कार की विधियों को आधुनिक चिकित्सा के साथ जोड़कर सिखाया जाएगा।

हर अस्पताल में होगी व्यवस्था
सरकार ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में बनने वाले सभी नए अस्पतालों के ब्लूप्रिंट में इन कक्षों को अनिवार्य रूप से शामिल किया गया है। साथ ही, वर्तमान में संचालित जिला अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में भी जल्द ही खाली स्थानों को इन विशेष केंद्रों में बदला जाएगा।

यह कदम मध्य प्रदेश को स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक नई पहचान दिलाएगा। जहां अब तक केवल प्रसव और टीकाकरण पर ध्यान दिया जाता था, वहीं अब संस्कारित शिशु और सशक्त समाज की नींव अस्पतालों से ही रखी जाएगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मां गर्भावस्था के दौरान खुश और शांत रहती है, तो समाज को स्वस्थ और बुद्धिमान नागरिक प्राप्त होते हैं।

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