Edited By Niyati Bhandari,Updated: 25 Mar, 2021 08:53 AM

होली का रंग लोगों के मन-मुटावों को भूलाकर एक दूसरे को नजदीक लाता है। तभी तो होली को भाईचारे व गिले-शिकवे भूलाने वाला त्यौहार माना जाता है। इस साल होली के मौके पर एक विशिष्ट योग बन रहा है, जोकि 499 सालों बाद पड़ रहा है इसे
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नई दिल्ली (नवोदय टाइम्स): होली का रंग लोगों के मन-मुटावों को भूलाकर एक दूसरे को नजदीक लाता है। तभी तो होली को भाईचारे व गिले-शिकवे भूलाने वाला त्यौहार माना जाता है। इस साल होली के मौके पर एक विशिष्ट योग बन रहा है, जोकि 499 सालों बाद पड़ रहा है इसे ध्रव योग कहते हैं। इस बार 28 मार्च को होलिका दहन व 29 मार्च को दुहलंदी यानि होली खेली जाएगी।
बता दें कि इस बार होली के दिन चंद्रमा कन्या राशि में गोचर करेगा साथ ही मकर राशि में गुरु और शनि विराजमान रहेंगे, जबकि शुक्र और सूर्य मीन राशि में रहेंगे। जिससे इस बार की होली का महत्व काफी बढ़ गया है। होलिका दहन का शुभ मुहूर्त शाम 6:21 बजे से रात 8:41 बजे तक का पंडितों द्वारा बताया जा रहा है।
What is done on Holika Dahan क्या रखें होलिका दहन पर याद
होलिका दहन के दिन किसी से सफेद खाद्य पदार्थ को कभी नहीं लेना चाहिए और ना ही कोई शुभ या मांगलिक कार्य करना चाहिए। सिर ढंक कर ही पूजा करनी चाहिए। वहीं नवविवाहित महिलाओं के साथ ही सास और बहु को एक साथ होलिका दहन नहीं देखना चाहिए।

Holi utsav होली खेलें पर रखें कोविड नियमों का ध्यान
कोरोना अभी तक पूरी तरह गया नहीं है, इसलिए होली का त्यौहार मनाते समय मास्क जरूर लगाएं और शारीरिक दूरी के नियम का पालन अवश्य जरूर करें। कोशिश करें की घर में रहकर होली खेलें व पकवानों का लुत्फ उठाए और सार्वजनिक होली समारोहों से दूर रहें, ताकि कोरोना वायरस को फैलने का मौका ना मिले।
