Jagannath Temple Ratna Bhandar news : 8 अप्रैल से शुरू होगी जगन्नाथ मंदिर के खजाने की गिनती, जानें भंडार में पिछली बार क्या-क्या मिला था ?

Edited By Updated: 08 Apr, 2026 09:44 AM

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ओडिशा के पुरी में स्थित विश्व प्रसिद्ध जगन्नाथ मंदिर का ऐतिहासिक रत्न भंडार एक बार फिर चर्चा में है। 8 अप्रैल 2026 से इसके बाहरी कक्ष की इन्वेंट्री यानी आभूषणों की गिनती का दूसरा चरण शुरू हो रहा है।

Jagannath Temple Ratna Bhandar news : ओडिशा के पुरी में स्थित विश्व प्रसिद्ध जगन्नाथ मंदिर का ऐतिहासिक रत्न भंडार एक बार फिर चर्चा में है। 8 अप्रैल 2026 से इसके बाहरी कक्ष की इन्वेंट्री यानी आभूषणों की गिनती का दूसरा चरण शुरू हो रहा है। प्रशासन इस पूरी प्रक्रिया को बेहद पारदर्शी और आधुनिक तकनीक के साथ संपन्न कर रहा है।

क्या है 8 अप्रैल का प्लान? 
श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन के अनुसार, रत्न भंडार की इन्वेंट्री का दूसरा चरण 8 अप्रैल से 11 अप्रैल 2026 तक चलेगा। इसके बाद 13 अप्रैल और फिर 16 से 18 अप्रैल तक यह प्रक्रिया जारी रहेगी।

समय: श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए शनिवार, रविवार और त्योहारों के दिन गिनती नहीं की जाएगी।

सुरक्षा: इस दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहेंगे और श्रद्धालुओं को बाहर काठा से ही दर्शन की अनुमति होगी, भीतर काठा प्रवेश बंद रहेगा।

पिछली बार (1978 में) क्या सामने आया था? 
रत्न भंडार की आखिरी बार पूरी और विस्तृत इन्वेंट्री 1978 में हुई थी। उस समय जो आंकड़े सामने आए थे, वे आज भी लोगों को हैरान कर देते हैं। 1978 के रिकॉर्ड के अनुसार-

बाहरी रत्न भंडार : इसमें सोने के 79 आइटम (वजन लगभग 8,175 भारी/तोला) और चांदी के 39 प्रकार के आभूषण (वजन लगभग 4,671 भारी) पाए गए थे।

भीतरी रत्न भंडार : यहां सोने के 367 आइटम (वजन लगभग 4,364 भारी) और चांदी के 231 आइटम (वजन लगभग 14,878 भारी) मिले थे।

चलन्ती भंडार : इसमें वे आभूषण होते हैं जो उत्सवों (जैसे सुना वेश) में भगवान को पहनाए जाते हैं। इसमें सोने के 8 आइटम और चांदी के 23 प्रकार के आभूषण दर्ज थे।

इस बार क्या है नया?
2026 की इस इन्वेंट्री में केवल गिनती ही नहीं हो रही, बल्कि आधुनिक विज्ञान का भी सहारा लिया जा रहा है। 

डिजिटल कैटलॉग: हर आभूषण का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है।

वीडियो रिकॉर्डिंग: पारदर्शिता के लिए पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी और 3D मैपिंग की जा रही है।

विशेषज्ञों की टीम: भारतीय रिजर्व बैंक के अधिकारी, रत्न विशेषज्ञ और मंदिर के स्वर्णकार मिलकर आभूषणों की शुद्धता की जांच कर रहे हैं। हालांकि, इनकी बाजार कीमत नहीं आंकी जाएगी।

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