कालभैरव जयंती: आज इन 5 अचूक उपायों को करने से चिंतामुक्त होगा जीवन

Edited By Updated: 16 Nov, 2022 12:17 PM

kal bhairav jayanti

भगवान काल भैरव का अवतरण मार्गशीर्ष कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को हुआ था। इस दिन को कालभैरव जयंती के नाम से मनाया जाता है। और बता दें कि इस साल ये तिथि 16 नवंबर, दिन बुधवार को पड़ रही है।  काल भैरव देवता को भगवान शिव का रूद्र

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भगवान काल भैरव का अवतरण मार्गशीर्ष कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को हुआ था। इस दिन को कालभैरव जयंती के नाम से मनाया जाता है। और बता दें कि इस साल ये तिथि 16 नवंबर, दिन बुधवार को पड़ रही है।  काल भैरव देवता को भगवान शिव का रूद्र अवतार माना जाता है। लेकिन भगवान काल भैरव भोलेनाथ की तरह ही जब अपने भक्तों से प्रसन्न हो जाते हैं तो उसपर असीम कृपा की वर्षा करते हैं। महादेव के रूद्र रूप कालभैरव को तंत्र का देवता माना गया है। मान्यता है कि जो भी व्यक्ति इस दिन भैरव जी की विधि-विधान से पूजा करता है उसके सभी समस्याओं का निवारण हो जाता है। अतः आज हम आपको कालबैरव जयंती के दिन करने वाले कुछ ऐसे असरदार टोटकों के बारे में बताएंगे। जिससे आप जीवन की सभी परेशानियों ले चिंतामुक्त हो जाएंगे। तो आइए जानते हैं-

कालभैरव जयंती के दिन बाबा भैरवनाथ के मंदिर जाकर आराधना करें और दीप प्रज्वलित करें। साथ ही उन्हें नारियल जलेबी का भोग लगाएं। इससे भगवान भैरव शीघ्र प्रसन्न होते हैं और मनोकामनाओं की पूर्ति करते हैं।
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इस दिन स्नानादि के बाद ॐ हं षं नं गं कं सं खं महाकाल भैरवाय नम: मंत्र का रुद्राक्ष माला से पांच माला जाप करें। मान्यता है कि इस दिन ऐसा करने से शत्रु पर विजय प्राप्ति का आपको वरदान मिलता है।

काले कुत्ते को कालभैरव की सवारी माना जाता है। तो ऐसे में कालभैरव जयंती के शुभ दिन पर काले कुत्ते को मीठी रोटी खिलाएं। मान्यता है कि इससे आपके व्यापार में प्रगति होती है। यदि काला कुत्ता उपलब्ध न हो तो किसी भी कुत्ते को खिला कर यह उपाय कर सकते हैं.. क्योंकि काल भैरव का वाहन कुत्ता है.. इसलिए इस दिन कुत्तों की सेवा करना पुण्य का काम होता है। इससे न सिर्फ भगवान भैरव बल्कि शनिदेव की भी कृपा बरसती है और कष्टों का निवारण होता है।

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माना जाता है कि जिनके दांपत्य जीवन में समस्याएं चल रही है वो इस दिन संध्याकाल में शमी वृक्ष के नीचे सरसों के तेल का दीपक प्रज्वलित करें। इससे पति-पत्नी के रिश्तों में कभी दरार नहीं आती है। इसके साथ ही शमी के पेड़ की जड़ में जल चढ़ाने से आर्थिक परेशानियां दूर होती हैं

काल भैरव जयंती के दिन 21 बिल्वपत्रों पर चंदन से 'ॐ नम: शिवाय' लिखें. और शिवलिंग पर अर्पित करें। इसके बाद मन में अपनी मनोकामना कहें।. इससे जल्द ही आपके मनोकामना पूर्ण होगी।
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कालभैरव की कृपा पाने के लिए इस दिन किसी भी भैरव मंदिर में गुलाब, चंदन और गुगल की खुशबूदार अगरबत्ती जलाएं साथ ही पांच या सात नींबू की माला भैरव जी को चढ़ाएं। इस उपाय से आपका जीवन कष्ट मुक्त हो जाएगा।

इसके अलावा इस दिन उपवास कर भगवान काल भैरव के समीप जागरण करने से इंसान सभी पापों से मुक्त हो जाता है।

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