Shani Retrograde: शनि होने जा रहे वक्री, जानें मीन राशि का हाल

Edited By Updated: 26 May, 2023 08:55 AM

आज बात करेंगे शनि वक्री के बारे में। शनि वक्री होने जा रहे हैं 17 जून से। 17 जून से 4 नवंबर तक लगभग 140 दिनों के लिए शनि वक्र अवस्था में रहेंगे। कई लोग

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Shani Vakri 2023: आज बात करेंगे शनि वक्री के बारे में। शनि वक्री होने जा रहे हैं 17 जून से। 17 जून से 4 नवंबर तक लगभग 140 दिनों के लिए शनि वक्र अवस्था में रहेंगे। कई लोग इस बात को लेकर काफी कंफ्यूज रहते हैं कि वक्री अवस्था क्या होती है ? शनि हर साल वक्री होते हैं। सूर्य और चंद्रमा वक्री नहीं हो सकते। इन्हीं दो ग्रहों के हिसाब से कैलेंडर बनते हैं। राहु और केतु हमेशा वक्री रहते हैं। बुध साल के 90 दिन के आसपास वक्री रहते हैं। वक्र अवस्था सामान्य तौर पर जून के महीने से ही शुरू होती है। जब सूर्य ग्रहण लग जाता है ग्रहों की पोजीशन ऐसी होती है वो सूर्य से दूर चले जाते हैं। कोई भी प्लेनेट जो वक्री है, वो अपना फल करने की चाहे वो बढ़िया है या बुरा उसकी चेष्टा बढ़ जाती है। तो निश्चित तौर पर आपको इसके फल देखने को मिलते हैं। तो आइए जानते हैं, इस वक्री से मीन राशि वालों के जीवन में क्या बदलाव आएगा ?

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Effect of Saturn retrograde on Pisces शनि वक्री का मीन राशि पर प्रभाव: मीन राशि के ऊपर 17 जनवरी से शनि की साढ़ेसाती का प्रभाव शुरू हुआ है। लिहाजा मीन राशि के जातक काफी परेशान हैं लेकिन ज्यादा परेशान होने की जरुरत नहीं। मीन राशि जल तत्व की राशि है। शनि यहां पर आकर ठंडे हो रहे हैं। शनि आपकी कुंडली में दो स्थानों के स्वामी हैं। शनि की मकर राशि आपके ग्याहरवें भाव में पड़ी है और दूसरी राशि कुम्भ के मूलत्रिकोण राशि में पड़ी हुई है।

आय का स्थान में शनि की मकर राशि है। इससे जुड़े अच्छे या बुरे किसी भी तरह के परिणाम मिल सकते हैं। यदि आपकी कुंडली में 6,8,12 में शनि है। निश्चित तौर पर आपकी आय पर ब्रेक लगेगा। आय थोड़ी कम हो सकती है। बाहरवां भाव अनिद्रा का भाव है। जहां से शनि इस समय गोचर कर रहे हैं। खर्चें थोड़े बढ़ सकते हैं। शनि तीसरी दृष्टि से धन भाव को देख रहे हैं। ऋण की समस्या से जूझना पड़ सकता है, ध्यान रखें। न पैसा लें और न ही दें। शनि दसवीं दृष्टि के साथ बारहवें भाव को देखते हैं। भाग्य स्लो हो जाता है।

शनिदेव के बीज मंत्र का जाप करें। ये बहुत ही आसान मंत्र होता है। शनिवार की सुबह की पहली होरा में इनका जाप करना चाहिए।

शनि बीज मंत्र- ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः।

हो सके तो अपनी क्षमता के अनुसार काली उड़द की दाल, काले तिल और काले कपड़ों का दान करें। शनिदेव का दान शाम के समय किया जाता है।

नरेश कुमार
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