क्या बनेगा शांति का रास्ता? कल इस्लामाबाद में आमने-सामने होंगे अमेरिका-ईरान, दुनिया की टिकी निगाहें

Edited By Updated: 09 Apr, 2026 10:12 PM

america and iran will face each other in islamabad tomorrow

पाकिस्तान शुक्रवार को अमेरिका और ईरान के बीच उच्च-स्तरीय वार्ता की मेजबानी करने वाला है, जिसका उद्देश्य युद्धविराम को मजबूत करना और पश्चिम एशिया में तनाव को बढ़ने से रोकना है।

इंटरनेशनल डेस्कः पाकिस्तान शुक्रवार को अमेरिका और ईरान के बीच उच्च-स्तरीय वार्ता की मेजबानी करने वाला है, जिसका उद्देश्य युद्धविराम को मजबूत करना और पश्चिम एशिया में तनाव को बढ़ने से रोकना है। अमेरिका और ईरान बुधवार को दो हफ्ते के लिए एक सशर्त युद्धविराम पर सहमत हो गए। इसके बाद, मतभेदों को सुलझाने और मौजूदा युद्धविराम को एक स्थायी शांति में तब्दील करने के लिए इस्लामाबाद में दोनों पक्षों के बीच एक बैठक होनी है। दोनों पक्षों के प्रतिनिधिमंडल के बातचीत में हिस्सा लेने के लिए बृहस्पतिवार रात तक इस्लामाबाद पहुंचने की उम्मीद है।

पाकिस्तान में ईरान के राजदूत रजा अमीरी मोघादम ने तेहरान के प्रतिनिधिमंडल की भागीदारी की पुष्टि करते हुए इस बात पर जोर दिया कि इजराइल द्वारा युद्धविराम के उल्लंघन के कारण उनके देश में शांति वार्ता को लेकर ''संदेह'' बना हुआ है। उन्होंने 'एक्स' पर कहा, ''राजनयिक पहल को नाकाम करने के लिए इजराइली शासन द्वारा बार-बार युद्धविराम के उल्लंघन के कारण ईरान के लोगों में संशय के बावजूद, प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के निमंत्रण पर, ईरानी प्रतिनिधिमंडल आज रात इस्लामाबाद पहुंच रहा है, ताकि ईरान द्वारा प्रस्तावित 10 बिंदुओं पर वार्ता की जा सके।'' अमेरिका के उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस के नेतृत्व में अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के भी पहुंचने की उम्मीद है, लेकिन उनके आगमन का कोई समय घोषित नहीं किया गया है।

खबरों के अनुसार, उनके साथ स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर भी होंगे। इस घटनाक्रम से अवगत सूत्रों ने बताया कि बातचीत का मुख्य जोर एक दीर्घकालिक शांति व्यवस्था के लिए एक व्यापक रूपरेखा तैयार करने पर रहने की उम्मीद है, जिसमें प्रतिबंधों में राहत, क्षेत्रीय सुरक्षा और ईरान के परमाणु तथा मिसाइल कार्यक्रम के भविष्य जैसे मुद्दे शामिल होंगे। तेहरान ने संकेत दिया है कि यह बातचीत प्रस्तावित 10 सूत्री योजना पर आधारित होगी, जिसमें प्रतिबंधों को हटाने, भविष्य के हमलों के विरुद्ध गारंटी और होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़ी चिंताओं को दूर करने की व्यवस्था शामिल है। आगामी वार्ता पर पूरी दुनिया की निगाहें टिकी हुई हैं, क्योंकि इसकी सफलता या विफलता का पश्चिम एशिया की सुरक्षा, वैश्विक ऊर्जा बाज़ारों और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति पर दूरगामी असर पड़ सकता है।

बृहस्पतिवार को, गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने पाकिस्तान में नियुक्त अमेरिकी राजदूत नैटली बेकर को अहम बातचीत से पहले सभी विदेशी गणमान्य व्यक्तियों के लिए पुख्ता सुरक्षा का आश्वासन दिया। पाकिस्तानी गृह मंत्रालय द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, अमेरिकी राजदूत के साथ एक बैठक में, नकवी ने उन्हें वार्ता से पहले किए गए सुरक्षा इंतजामों का आश्वासन दिया और कहा कि अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के सदस्य ''हमारे खास मेहमान'' हैं। 'डॉन' समाचार पत्र की खबर के अनुसार, मंत्री ने कहा, ''सभी विदेशी मेहमानों को हर लिहाज से अभेद्य सुरक्षा मुहैया कराने के लिए एक व्यापक योजना तैयार की गई है।'' सूत्रों के हवाले से खबर में कहा गया है कि सुरक्षा इंतजाम का जायजा लेने के लिए 30 सदस्यीय अमेरिकी टीम पहले ही इस्लामाबाद पहुंच चुकी है।

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