Edited By Tanuja,Updated: 13 May, 2025 04:52 PM

गाजा में 19 महीने से बंधक बनाए गए अमेरिकी-इजरायली नागरिक एडन अलेक्जेंडर को हमास ने आखिरकार रेड क्रॉस के ज़रिए इजराइल को....
International Desk: गाजा में 19 महीने से बंधक बनाए गए अमेरिकी-इजरायली नागरिक एडन अलेक्जेंडर को हमास ने आखिरकार रेड क्रॉस के ज़रिए इजराइल को सौंप दिया। इस रिहाई को अमेरिका और मध्यस्थ देशों — कतर और मिस्र — की एक बड़ी राजनयिक सफलता माना जा रहा है। यह रिहाई ऐसे समय में हुई है जब अमेरिका एक नए युद्धविराम समझौते की कोशिशों में जुटा है।एडन अलेक्जेंडर को 7 अक्टूबर 2023 को हमास के दक्षिणी इजराइल पर किए गए बड़े हमले के दौरान बंधक बनाया गया था।
वह उस समय अपने मिलिट्री कैंप में तैनात थे। उन्हें गाजा के गुप्त ठिकानों में रखा गया, जहां उनका कोई संपर्क नहीं था। इजरायली अधिकारियों के अनुसार अभी भी 58 बंधक हमास की कैद में हैं।इनमें से करीब 24 जीवित हैं, जबकि शेष की मौत की आशंका जताई जा रही है। अक्टूबर 2023 में हमास ने लगभग 250 लोगों को बंधक बनाया था, जिनमें कई को बाद में युद्धविराम के दौरान छोड़ा गया। हमास ने रविवार को बयान जारी कर रिहाई की मंशा जताई थी। सोमवार को उसे इजरायली अधिकारियों को सौंप दिया गया। इस रिहाई को "सद्भावना संकेत" बताया गया है।अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, जो पश्चिम एशिया की अपनी पहली विदेश यात्रा पर पहुंच रहे हैं, ने इसे "युद्ध के अंत की दिशा में पहला कदम" बताया है।
इजरायली प्रधानमंत्री कार्यालय ने कहा कि रिहाई "अपेक्षित" थी लेकिन युद्धविराम से जुड़ी कोई औपचारिक प्रतिबद्धता नहीं जताई गई। रिहाई के लिए "सुरक्षित गलियारा" बनाया गया था। एडन अलेक्जेंडर के परिजन अमेरिका से इजरायल पहुंचने की प्रक्रिया में हैं। परिजनों की ओर से प्रतिनिधि संगठन "Hostages and Missing Families Forum" ने इसकी पुष्टि की।एडन अलेक्जेंडर की रिहाई गाजा संकट के दौरान एक संवेदनशील मानवीय पहल के रूप में देखी जा रही है। अब निगाहें इस पर होंगी कि क्या यह कदम युद्धविराम के लिए मजबूत आधार तैयार कर सकेगा या नहीं।