Edited By Tanuja,Updated: 15 Mar, 2026 08:29 PM

पश्चिम एशिया में बढ़ते युद्ध के बीच पोप लियो XIV ने युद्धविराम की जोरदार अपील की है। उन्होंने कहा कि हिंसा से न्याय और शांति नहीं मिल सकती। ईरान में स्कूल पर हुए मिसाइल हमले और लेबनान के मानवीय संकट पर चिंता जताते हुए उन्होंने संवाद शुरू करने का...
International Desk: पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के बीच Pope Leo XIV ने रविवार को युद्धविराम की जोरदार अपील करते हुए कहा कि हिंसा से कभी न्याय, स्थिरता और शांति नहीं मिल सकती। उन्होंने सीधे उन नेताओं से संघर्ष रोकने का आग्रह किया जो इस युद्ध के लिए जिम्मेदार हैं। रविवार की प्रार्थना के बाद अपने संबोधन में पोप ने कहा, “मध्य पूर्व के ईसाइयों और सभी सद्भावना रखने वाले लोगों की ओर से मैं इस संघर्ष के जिम्मेदार लोगों से अपील करता हूं युद्धविराम करें, ताकि संवाद के रास्ते फिर से खुल सकें।”
हालांकि उन्होंने किसी देश का नाम नहीं लिया, लेकिन उनका बयान उस युद्ध के संदर्भ में आया है जो हाल ही में Iran में हमलों के बाद तेज हुआ और जिसमें United States तथा Israel भी शामिल बताए जा रहे हैं। पोप ने उस हमले का भी उल्लेख किया जिसमें एक स्कूल को निशाना बनाया गया था। रिपोर्टों के अनुसार मिसाइल हमले में 165 से अधिक लोग मारे गए, जिनमें बड़ी संख्या बच्चों की थी। इस हमले को युद्ध के शुरुआती दिनों की सबसे दर्दनाक घटनाओं में गिना जा रहा है।
वेटिकन के आधिकारिक अखबार L'Osservatore Romano ने भी इस त्रासदी को प्रमुखता से प्रकाशित किया था और सामूहिक कब्र की तस्वीर के साथ इसे “युद्ध का चेहरा” बताया था। पोप ने विशेष रूप से Lebanon की स्थिति पर चिंता व्यक्त की, जहां राहत एजेंसियों ने गंभीर मानवीय संकट की चेतावनी दी है। वेटिकन के लिए दक्षिणी लेबनान में रहने वाले ईसाई समुदायों की स्थिति खास चिंता का विषय है, क्योंकि वे मुस्लिम बहुल क्षेत्र में लंबे समय से एक महत्वपूर्ण धार्मिक समुदाय रहे हैं।
युद्ध शुरू होने के बाद से पोप लगातार संवाद और कूटनीति के जरिए समाधान की अपील कर रहे हैं। उन्होंने सार्वजनिक रूप से किसी देश का नाम लेने से परहेज किया है, जो वेटिकन की पारंपरिक कूटनीतिक तटस्थता की नीति के अनुरूप माना जाता है। वहीं वेटिकन के विदेश मंत्री Cardinal Pietro Parolin ने भी कहा कि होली सी सभी पक्षों के साथ संवाद बनाए हुए है, ताकि संकट का शांतिपूर्ण समाधान खोजा जा सके।