62 साल बाद खुलेगी दुनिया की सबसे खूंखार जेल... जहां कैदी खो देते थे होशो-हवास, जानिए क्या सोच रहे हैं Trump?

Edited By Updated: 06 May, 2025 09:34 AM

the world s hell alcatraz prison will open again

दुनिया की सबसे खतरनाक जेलों में शुमार अल्काट्राज जो कैदियों पर अमानवीय यातनाओं के लिए कुख्यात थी 62 साल बाद एक बार फिर खुलने जा रही है। अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को कारागार ब्यूरो, न्याय विभाग, एफबीआई और होमलैंड सिक्योरिटी को इस जेल...

इंटरनेशनल डेस्क। दुनिया की सबसे खतरनाक जेलों में शुमार अल्काट्राज जो कैदियों पर अमानवीय यातनाओं के लिए कुख्यात थी 62 साल बाद एक बार फिर खुलने जा रही है। अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को कारागार ब्यूरो, न्याय विभाग, एफबीआई और होमलैंड सिक्योरिटी को इस जेल को दोबारा खोलने का आदेश जारी कर दिया है।

ट्रंप ने अपनी सोशल मीडिया साइट 'ट्रुथ सोशल' पर लिखा, "लंबे समय से अमरीका क्रूर, हिंसक और बार-बार अपराध करने वाले अपराधियों से त्रस्त है। इसलिए मैं अल्काट्राज जेल खोलने का निर्देश दे रहा हूं। इसका दोबारा खुलना कानून, व्यवस्था और न्याय का प्रतीक होगा।"

 

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परिंदा भी नहीं मार सकता पर 

सैन फ्रांसिस्को के पास अथाह समुद्र के बीच एक टापू पर बनी अल्काट्राज जेल कड़ी सुरक्षा के मामले में  मुहावरे से भी कहीं आगे थी। यहां अमरीका के सबसे खूंखार अपराधियों को रखा जाता था। 9x5 फीट की छोटी कोठरियों में कैदियों के लिए कोई सुविधा नहीं थी। जेल के भयावह हालात के चलते कैदियों ने इसे 'हेलकट्राज' यानी नर्क जैसी जेल का नाम दे दिया था। माना जाता था कि जो एक बार इस जेल में आ गया वह कभी बाहर नहीं निकल सकता।

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क्यों बंद हुई थी नरक की काल कोठरी?

अल्काट्राज जेल 1934 में बनी और 1963 में इसे बंद कर दिया गया। इसकी वजह थी इस पर आने वाला भारी खर्च। अमरीकी सरकार का कहना था कि आम जेलों के मुकाबले अल्काट्राज में हर कैदी पर तीन गुना ज्यादा खर्च हो रहा था। बंद होने के बाद इस जेल को पर्यटन स्थल में बदल दिया गया जहां हर साल करीब 14 लाख पर्यटक इसकी ऐतिहासिक इमारतों, बगीचों और लाइटहाउस को देखने आते हैं।

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अदृश्य कैदी, आज भी राज

अल्काट्राज जेल से कैदियों ने 31 बार भागने की कोशिश की लेकिन सभी नाकाम रहे। हालांकि 12 जून 1962 को तीन कैदी - फ्रेंक मॉरिस, जॉन ऐंग्लिन और क्लैरेन्स ऐंग्लिन - रहस्यमय तरीके से भाग निकले। जेल प्रशासन ने तब कहा था कि किसी इंसान का इतनी लंबी दूरी तक तैरकर किनारे पहुंचना असंभव है शायद वे डूब गए होंगे। तीनों न तो कहीं देखे गए और न ही उनके शव मिले। लंबी जांच के बाद 1979 में प्रशासन ने उन्हें मृत घोषित कर दिया लेकिन एक गुमनाम चिट्ठी में उनके जिंदा होने के दावे के बाद फिर से खोजबीन शुरू हुई जो आज भी जारी है।

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हॉलीवुड का रोमांच, भारत का काला पानी

अल्काट्राज जेल पर हॉलीवुड में कई रोमांचक फिल्में बन चुकी हैं, जैसे 'बर्डमैन ऑफ अल्काट्राज', 'एस्केप फ्रॉम अल्काट्राज', 'पॉइंट ब्लैंक', 'द रॉक' और 'मर्डर इन द फर्स्ट'। हैरी पॉटर सीरीज की फिल्मों की 'अजकाबन' जेल भी काफी हद तक अल्काट्राज से प्रेरित थी।

भारत में ब्रिटिश शासन के दौरान स्वतंत्रता सेनानियों को कैद रखने के लिए अंडमान निकोबार के पोर्ट ब्लेयर में बनी सेल्यूलर जेल भी अपने कठिन हालातों के लिए कुख्यात थी और उसे काला पानी की सजा के तौर पर जाना जाता था।

अल्काट्राज का दोबारा खुलना एक बार फिर दुनिया की सबसे खतरनाक जेलों की चर्चा को तेज कर देगा। यह देखना दिलचस्प होगा कि इस बार इस जेल में किन अपराधियों को रखा जाता है और क्या सुरक्षा के इंतजाम पहले से ज्यादा सख्त होंगे।

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