Beard Tax: इस देश में दाढ़ी रखने पर देना पड़ता था भारी टैक्स! जानिए क्यों?

Edited By Updated: 08 Jan, 2026 04:17 PM

this crazy russian king imposed a beard tax

आज के दौर में लंबी और घनी दाढ़ी रखना फैशन और स्टाइल का प्रतीक माना जाता है लेकिन इतिहास में एक समय ऐसा भी था जब चेहरे पर बाल रखने के लिए सरकार को भारी-भरकम टैक्स चुकाना पड़ता था। रूस के शक्तिशाली शासक पीटर द ग्रेट ने अपनी जनता पर यह अजीबोगरीब 'दाढ़ी...

Beard Tax: आज के दौर में लंबी और घनी दाढ़ी रखना फैशन और स्टाइल का प्रतीक माना जाता है लेकिन इतिहास में एक समय ऐसा भी था जब चेहरे पर बाल रखने के लिए सरकार को भारी-भरकम टैक्स चुकाना पड़ता था। रूस के शक्तिशाली शासक पीटर द ग्रेट ने अपनी जनता पर यह अजीबोगरीब 'दाढ़ी टैक्स' (Beard Tax) लगाया था। यह फैसला केवल पैसे कमाने के लिए नहीं बल्कि पूरे देश की सभ्यता को बदलने के लिए लिया गया था।

क्यों लगा था यह अजीब टैक्स?

17वीं शताब्दी के अंत तक रूस में दाढ़ी रखना धार्मिक मान्यताओं और परंपरा से जुड़ा था लेकिन 1698 में पीटर द ग्रेट ने इसे बदलने का फैसला किया। राजा पीटर ने यूरोप (इंग्लैंड, फ्रांस और नीदरलैंड) की यात्रा की थी। वहां उन्होंने देखा कि विकसित देशों के रईस और अधिकारी क्लीन शेव रहते थे। पीटर रूस को एक आधुनिक यूरोपीय शक्ति बनाना चाहते थे। उनके लिए दाढ़ी पिछड़ेपन की निशानी थी। वे चाहते थे कि रूसी लोग अपनी पुरानी पहचान छोड़कर पश्चिमी तौर-तरीके अपनाएं।

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कैसे काम करता था दाढ़ी टोकन?

जो लोग अपनी धार्मिक आस्था या निजी पसंद के कारण दाढ़ी कटवाना नहीं चाहते थे उनके लिए नियम बहुत कड़े थे:

  1. सालाना भुगतान: दाढ़ी रखने के लिए हर साल टैक्स भरना पड़ता था।

  2. सिक्का या टोकन: टैक्स भरने के बाद व्यक्ति को तांबे या चांदी का एक विशेष दाढ़ी टोकन दिया जाता था। इस टोकन पर लिखा होता था— "दाढ़ी एक बेकार का बोझ है।"

  3. वर्ग के अनुसार टैक्स: रईसों को 100 रूबल (उस समय की बड़ी रकम) देने पड़ते थे जबकि किसानों के लिए यह रकम बहुत कम थी। लेकिन घर से बाहर निकलते समय यह टोकन पास रखना अनिवार्य था।

नियम तोड़ने पर बीच सड़क मिलती थी सजा

पीटर द ग्रेट ने इस कानून को इतनी सख्ती से लागू किया कि वे खुद कैंची लेकर अपने दरबारियों की दाढ़ी काट देते थे। अगर कोई व्यक्ति बिना दाढ़ी टोकन के सड़क पर मिलता था तो पुलिस को अधिकार था कि वह सबके सामने जबरदस्ती उसकी दाढ़ी शेव कर दे। इस टैक्स से जो पैसा इकट्ठा हुआ उसका इस्तेमाल राजा ने सेंट पीटर्सबर्ग जैसे भव्य शहर को बसाने और रूस की पहली नौसेना (Navy) तैयार करने में किया।

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कब खत्म हुआ यह कानून?

यह विवादित टैक्स रूस में लगभग 75 सालों तक लागू रहा। पीटर द ग्रेट के जाने के कई दशकों बाद 1772 में महारानी कैथरीन द ग्रेट ने इस कानून को पूरी तरह से खत्म किया। इसके बाद ही रूसी पुरुषों को बिना किसी टैक्स या डर के दाढ़ी रखने की आजादी वापस मिली।

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