Edited By Rohini Oberoi,Updated: 30 Jan, 2026 03:26 PM

अपनी जादुई आवाज़ से करोड़ों दिलों पर राज करने वाले अरिजीत सिंह ने हाल ही में प्लेबैक सिंगिंग से संन्यास लेने का ऐलान कर अपने प्रशंसकों को चौंका दिया लेकिन इस घोषणा के बीच उनके नेक इरादों की एक और कहानी सोशल मीडिया पर छा गई है। अरिजीत सिंह अपने पैतृक...
Arijit Singh Hotel : अपनी जादुई आवाज़ से करोड़ों दिलों पर राज करने वाले अरिजीत सिंह ने हाल ही में प्लेबैक सिंगिंग से संन्यास लेने का ऐलान कर अपने प्रशंसकों को चौंका दिया लेकिन इस घोषणा के बीच उनके नेक इरादों की एक और कहानी सोशल मीडिया पर छा गई है। अरिजीत सिंह अपने पैतृक निवास मुर्शिदाबाद में 'हेशेल' (Heshel) नाम का एक ऐसा होटल चला रहे हैं जहां मुनाफा कमाना नहीं बल्कि लोगों की सेवा करना मुख्य लक्ष्य है।

महंगाई के दौर में चमत्कार: ₹40 में थाली
आज के दौर में जहां एक कप चाय और नाश्ते की कीमत ₹50 पार कर जाती है वहीं अरिजीत का होटल 'हेशेल' (बंगाली में जिसका अर्थ है 'रसोई') बेहद कम दाम में पौष्टिक भोजन दे रहा है:
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आम जनता के लिए: शुद्ध शाकाहारी थाली मात्र ₹40 में।
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छात्रों के लिए विशेष छूट: विद्यार्थियों को यही थाली केवल ₹30 में दी जाती है।
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संचालन: इस नेक पहल की देखरेख अरिजीत सिंह के पिता खुद करते हैं।

क्या है मेन्यू और खासियत?
अरिजीत के इस रेस्तरां की लोकप्रियता किसी विज्ञापन से नहीं बल्कि इसके स्वाद और सेवा से बढ़ी है। यहां बंगाली और पंजाबी शैली का सादा और संतुलित शाकाहारी भोजन परोसा जाता है। यह होटल सुबह 10:30 बजे से रात 10:30 बजे तक खुला रहता है जो कामकाजी लोगों और बाहर रहकर पढ़ने वाले छात्रों के लिए वरदान साबित हो रहा है। अरिजीत ने कभी भी अपने नाम का उपयोग इस होटल की मार्केटिंग के लिए नहीं किया। लोग यहां के घर जैसे स्वाद की वजह से खींचे चले आते हैं।
अरिजीत का संगीत सफर: 18 साल, 300+ गाने
27 जनवरी 2026 को इंस्टाग्राम पर प्लेबैक प्रोजेक्ट्स से दूरी बनाने का ऐलान करने वाले अरिजीत का करियर बेमिसाल रहा है:
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शुरुआत: 18 साल की उम्र में संघर्ष शुरू किया।
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बड़ी कामयाबी: फिल्म 'आशिकी 2' के गाने 'तुम ही हो' ने उन्हें रातों-रात ग्लोबल सुपरस्टार बना दिया।
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भाषाएं: उन्होंने हिंदी, बंगाली, मराठी और तेलुगु सहित कई भाषाओं में 300 से अधिक गानों को अपनी आवाज दी है।

क्यों छोड़ रहे हैं सिंगिंग?
अरिजीत ने अपने पोस्ट में संकेत दिया कि वे अब नए प्लेबैक प्रोजेक्ट्स नहीं लेंगे। उनके करीबी सूत्रों का मानना है कि वे अब स्वतंत्र संगीत (Independent Music), लाइव कॉन्सर्ट्स और अपनी सामाजिक संस्थाओं के जरिए समाज सेवा पर अधिक ध्यान देना चाहते हैं।