Edited By Mehak,Updated: 19 Jan, 2026 03:38 PM

इस साल का पहला सूर्यग्रहण 17 फरवरी 2026 को फाल्गुन अमावस्या के दिन पड़ेगा। यह खगोलीय घटना भारत में दिखाई नहीं देगी, लेकिन दुनिया के कुछ हिस्सों में नजर आएगी। वैज्ञानिक रूप से सूर्यग्रहण सुरक्षित होता है, पर बिना सुरक्षा सूर्य को देखना आंखों के लिए...
नेशनल डेस्क : साल 2026 का पहला सूर्य ग्रहण 17 फरवरी को मंगलवार, फाल्गुन अमावस्या के अवसर पर पड़ेगा। हालांकि, यह भारत में सीधे नहीं दिखाई देगा। ग्रहण दक्षिण अफ्रीका, दक्षिणी अर्जेंटीना और अंटार्कटिका के कुछ हिस्सों से देखा जा सकेगा। आइए जानते हैं कि ग्रहण का स्वास्थ्य, मूड और परंपराओं पर क्या असर पड़ सकता है।
सूर्य ग्रहण और स्वास्थ्य
वैज्ञानिक दृष्टिकोण से सूर्यग्रहण अपने आप में हानिकारक नहीं है। असली खतरा तब होता है जब लोग बिना सुरक्षा के सीधे सूर्य को देखते हैं। इससे आंख की रेटिना को नुकसान पहुंच सकता है, जिससे स्थायी दृष्टि कमजोर हो सकती है। एक्सपर्ट हमेशा इक्लिप्स ग्लास या सुरक्षित उपकरणों का उपयोग करने की सलाह देते हैं। कुछ शोधों के अनुसार ग्रहण के दौरान शरीर की जैविक घड़ी और नींद पर हल्का असर पड़ सकता है, जिससे थकान या बेचैनी महसूस हो सकती है।
मूड और एनर्जी पर असर
साइकोलॉजिस्ट मानते हैं कि सूर्य ग्रहण जैसे दुर्लभ खगोलीय घटनाएं लोगों के मूड को प्रभावित कर सकती हैं। अचानक अंधेरा और माहौल में बदलाव कुछ लोगों को असहज या उदास महसूस करा सकता है। वहीं, यह समय आत्ममंथन और शांति का अवसर भी बना सकता है। तनाव या एंग्जायटी से जूझ रहे लोग ग्रहण के दौरान अधिक स्ट्रेस महसूस कर सकते हैं।
परंपराएं और खाने से जुड़ी सावधानियां
भारतीय परंपरा में सूर्य ग्रहण को विशेष महत्व दिया गया है। माना जाता है कि इस दौरान खाना बनाने या खाने से बचना चाहिए, क्योंकि हानिकारक किरणें भोजन को प्रभावित कर सकती हैं। वैज्ञानिक दृष्टि से इसका कोई ठोस प्रमाण नहीं है, लेकिन पुराने समय में खाना खुले में रखा जाता था, जिससे खराब होने का खतरा होता था। आज भी कुछ घरों में ग्रहण के दौरान बने भोजन को फेंककर नया तैयार किया जाता है।
गर्भावस्था से जुड़ी सावधानियां
गर्भवती महिलाओं को ग्रहण के दौरान घर में रहने की सलाह दी जाती है। मान्यता है कि इससे गर्भस्थ शिशु पर असर पड़ सकता है। विज्ञान इस बात की पुष्टि नहीं करता, लेकिन तनाव और थकान से बचना गर्भावस्था में आवश्यक है। पुराने नियम महिलाओं की सुरक्षा और मानसिक शांति को ध्यान में रखकर बनाए गए होंगे। इस तरह, सूर्यग्रहण को देखते समय सुरक्षा और मानसिक संतुलन बनाए रखना जरूरी है। सुरक्षित उपकरणों का उपयोग करें और तनाव से दूर रहें।