Edited By Ashutosh Chaubey,Updated: 30 Apr, 2025 05:45 PM

मध्यप्रदेश भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता नरेंद्र सलूजा का बुधवार को आकस्मिक निधन हो गया। दोपहर में उन्हें सीने में तेज दर्द हुआ, लेकिन उन्होंने इसे मामूली गैस की समस्या समझ कर नजरअंदाज कर दिया।
नेशनल डेस्क: मध्यप्रदेश की सियासत से एक बेहद दुखद और चौंकाने वाली खबर आई है। भाजपा के कद्दावर नेता और प्रदेश प्रवक्ता नरेंद्र सलूजा का बुधवार को आकस्मिक निधन हो गया। सीने में अचानक तेज दर्द उठने के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सलूजा की इस असामयिक मौत से राजनीतिक जगत में शोक की लहर फैल गई है और भाजपा कार्यकर्ताओं में भी गहरा दुख देखा जा रहा है। उनके तीखे तर्कों लिए पहचाने जाने वाले सलूजा ने कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आकर अपनी अलग पहचान बनाई थी।
नरेंद्र सलूजा दो दिन से अपने मित्र की बेटी की शादी में शामिल होने के लिए सीहोर के एक रिसोर्ट में ठहरे हुए थे। उनके साथ कांग्रेस नेता सुरजीत सिंहभी मौजूद थे। बुधवार सुबह उन्होंने नाश्ता किया, लेकिन इसके बाद उन्हें बेचैनी महसूस होने लगी। उन्होंने तबियत खराब होने की बात कही और गुरुद्वारा में फेरे में भी शामिल नहीं हो पाए। दोपहर होते-होते दर्द और बढ़ गया और वे इंदौर लौट आए। घर पहुंचते ही दर्द असहनीय हो गया और वे बेहोश हो गए। तत्काल उन्हें निजी अस्पताल ले जाया गया लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
कांग्रेस से भाजपा तक का सफर
नरेंद्र सलूजा कभी कमलनाथ के बेहद करीबी माने जाते थे। कांग्रेस सरकार में वे मुख्यमंत्री के मीडिया समन्वयक भी थे। लेकिन साल 2022 में इंदौर के खालसा कॉलेज में गुरुनानक जयंती कार्यक्रम के दौरान हुए विवाद ने उनका राजनीतिक जीवन बदल दिया। कमलनाथ के साथ कार्यक्रम में विरोध झेलने के बाद नाराज नाथ ने सलूजा को उनके सभी पार्टी पदों से हटा दिया। इससे आहत होकर उन्होंने कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया और 25 नवंबर 2022 को भाजपा का दामन थाम लिया।
भाजपा में मिली खास पहचान
भाजपा जॉइन करते ही शिवराज सिंह चौहान ने उन्हें सीएम हाउस में विशेष कार्यक्रम के जरिए पार्टी की सदस्यता दिलाई थी। इसके बाद सलूजा भाजपा में तेज़ी से सक्रिय हुए और प्रवक्ता बनाए गए। वे पार्टी की विचारधारा का सोशल मीडिया पर मज़बूती से प्रचार करते थे।
सोशल मीडिया पर भी थे मुखर
सलूजा सोशल मीडिया, खासकर ट्विटर (अब एक्स) पर बेहद सक्रिय थे। अपने ट्वीट्स में वे कांग्रेस पर तीखे वार करते थे। बुधवार को भी उन्होंने अक्षय तृतीया की शुभकामनाएं देते हुए एक ट्वीट किया था। इसके अलावा उन्होंने भाजपा नेता कैलाश विजयवर्गीय को जन्मदिन की बधाई देते हुए एक फोटो भी साझा की थी। ये उनका आखिरी ट्वीट साबित हुआ।
संतुलित और तीखे वक्तव्यों से बनाई अलग पहचान
सलूजा को राजनीतिक विश्लेषण, तार्किक तर्क और संतुलित विचारों के लिए जाना जाता था। कांग्रेस और भाजपा, दोनों में ही उन्होंने अपनी खास पहचान बनाई थी।
उनकी भाषा संयमित लेकिन तीखी होती थी। वे टीवी डिबेट्स और प्रेस ब्रीफिंग्स में भाजपा का प्रभावी पक्ष रखते थे।