Edited By Anu Malhotra,Updated: 03 Jan, 2026 10:58 AM

सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (CBSE) ने 10वीं और 12वीं के छात्रों को एक अहम नोटिस जारी किया है, जिसमें बोर्ड ने प्रैक्टिकल परीक्षाओं की महत्ता पर विशेष ध्यान दिलाया है। बोर्ड ने स्पष्ट किया कि फाइनल रिजल्ट के लिए प्रैक्टिकल एग्जाम अनिवार्य हैं...
नई दिल्ली: सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (CBSE) ने 10वीं और 12वीं के छात्रों को एक अहम नोटिस जारी किया है, जिसमें बोर्ड ने प्रैक्टिकल परीक्षाओं की महत्ता पर विशेष ध्यान दिलाया है। बोर्ड ने स्पष्ट किया कि फाइनल रिजल्ट के लिए प्रैक्टिकल एग्जाम अनिवार्य हैं और इन्हें गंभीरता से लिया जाना चाहिए। किसी भी प्रकार की लापरवाही या विलंब भविष्य में छात्रों और स्कूलों दोनों के लिए परेशानी का कारण बन सकता है।
छात्रों और अभिभावकों के लिए महत्वपूर्ण सूचना यह है कि 2026 के बोर्ड सत्र के लिए प्रैक्टिकल एग्जाम, प्रोजेक्ट वर्क और इंटरनल असेसमेंट 1 जनवरी से 14 फरवरी के बीच आयोजित किए जाएंगे। CBSE ने सभी स्कूलों को निर्देश दिए हैं कि परीक्षा के दिन ही छात्रों के अंक ऑनलाइन दर्ज किए जाएं, और एक बार अपलोड होने के बाद इन अंकों में कोई बदलाव संभव नहीं होगा। इस कारण स्कूलों को अंक दर्ज करते समय बेहद सतर्क रहना होगा।
CBSE के सख्त दिशा-निर्देश और नियम
बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि सभी स्कूलों को प्रैक्टिकल एग्जाम से संबंधित निर्देशों का सख्ती से पालन करना अनिवार्य है। किसी भी नियम की अनदेखी करने पर बोर्ड संबंधित परीक्षा रद्द कर सकता है। साथ ही 2025-26 सत्र के लिए प्रैक्टिकल परीक्षाओं में शामिल शिक्षकों और एग्जामिनर्स के पेमेंट नियमों में बदलाव किया गया है।
खेल और अन्य गतिविधियों के लिए कोई छूट नहीं
CBSE ने साफ कर दिया कि नेशनल या इंटरनेशनल खेल या अन्य इवेंट में हिस्सा लेने वाले छात्रों को प्रैक्टिकल परीक्षा से अलग तारीख नहीं मिलेगी। ऐसे छात्र स्कूल द्वारा निर्धारित शेड्यूल के अनुसार ही प्रैक्टिकल एग्जाम में शामिल होंगे।
12वीं कक्षा की प्रैक्टिकल परीक्षाओं में केवल CBSE द्वारा नियुक्त एग्जामिनर ही मूल्यांकन कर सकते हैं। स्कूल अपने स्वयं के जांचकर्ताओं का चयन नहीं कर सकते। यदि कोई स्कूल अनधिकृत एग्जामिनर का उपयोग करता है, तो परीक्षा रद्द हो सकती है। आपातकाल में, स्कूल बोर्ड से संपर्क कर किसी बाहरी एग्जामिनर को उपलब्ध करा सकते हैं।
स्पेशल नीड्स वाले छात्रों के लिए व्यवस्थाएं
CBSE ने यह भी निर्देश दिया है कि स्पेशल नीड्स वाले छात्रों को प्रैक्टिकल परीक्षा के दौरान पूरी मदद और सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं ताकि वे बिना किसी बाधा के अपनी परीक्षा दे सकें। छात्रों और स्कूलों को CBSE ने याद दिलाया है कि प्रैक्टिकल परीक्षा केवल फॉर्मैलिटी नहीं है, बल्कि यह फाइनल रिजल्ट और आगे की पढ़ाई के लिए निर्णायक भूमिका निभाती है।