Edited By Ashutosh Chaubey,Updated: 02 Jun, 2025 05:13 PM

भारत के पूर्वोत्तर राज्य सिक्किम से दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। यहां अचानक हुए भीषण भूस्खलन यानी लैंडस्लाइड ने भारतीय सेना के एक कैंप को अपनी चपेट में ले लिया। इस हादसे में भारतीय सेना के 3 बहादुर जवान शहीद हो गए हैं। जबकि 6 जवान अब भी लापता...
नेशनल डेस्क: भारत के पूर्वोत्तर राज्य सिक्किम से दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। यहां अचानक हुए भीषण भूस्खलन यानी लैंडस्लाइड ने भारतीय सेना के एक कैंप को अपनी चपेट में ले लिया। इस हादसे में भारतीय सेना के 3 बहादुर जवान शहीद हो गए हैं। जबकि 6 जवान अब भी लापता हैं जिनकी तलाश के लिए रेस्क्यू अभियान तेज़ी से जारी है। यह दुखद घटना सिक्किम के लाचेन जिले के छतेन (Chaten) इलाके में हुई है। जानकारी के मुताबिक रविवार शाम करीब 7 बजे के आसपास इलाके में लगातार हो रही भारी बारिश के चलते अचानक पहाड़ी इलाका खिसक गया और सेना का कैंप इसकी चपेट में आ गया। लाचेन कस्बे के पास हुए इस भूस्खलन में सेना के जवान ड्यूटी पर तैनात थे। अचानक आई इस आपदा का किसी को अंदाजा नहीं था और सब कुछ कुछ ही पलों में तबाह हो गया।
कौन-कौन हुए शहीद?
रक्षा अधिकारियों ने बताया कि इस हादसे में तीन लोगों की जान चली गई, जिनमें दो भारतीय सेना के जवान और एक पोर्टर शामिल है।
शहीद हुए जवानों की पहचान इस प्रकार है:
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हवलदार लखबिंदर सिंह
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लांस नायक मनीष ठाकुर
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पोर्टर अभिषेक लखड़ा
तीनों के पार्थिव शरीर मलबे से निकाल लिए गए हैं और सेना की ओर से पूरे सम्मान के साथ उनके अंतिम संस्कार की तैयारी की जा रही है।
कुछ जवानों को बचा लिया गया
हादसे के समय कैंप में मौजूद कई जवानों में से चार जवानों को मामूली चोटें आईं हैं। उन्हें समय रहते बाहर निकाल लिया गया और प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं 6 जवान अब भी लापता हैं और उनकी तलाश की जा रही है।
रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
भारतीय सेना, स्थानीय प्रशासन और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की टीमें लापता जवानों की 24 घंटे राहत और बचाव कार्य में जुटी हैं। भारी बारिश और दुर्गम पहाड़ी इलाकों की वजह से रेस्क्यू में दिक्कतें आ रही हैं लेकिन जवानों को ढूंढ़ने की पूरी कोशिश की जा रही है।
सिक्किम में भारी बारिश से संकट
सिक्किम समेत भारत के कई नॉर्थ-ईस्ट राज्यों में पिछले कुछ दिनों से भारी बारिश हो रही है। पहाड़ी इलाकों में यह बारिश भूस्खलन का कारण बन रही है और आम जनजीवन के साथ-साथ सेना की गतिविधियां भी इससे प्रभावित हो रही हैं। यह इलाका भौगोलिक दृष्टि से बेहद संवेदनशील माना जाता है जहां मानसून या अधिक वर्षा के समय भूस्खलन की घटनाएं आम हैं।
देश भर में शोक की लहर
जैसे ही यह खबर सामने आई, देशभर में शोक की लहर दौड़ गई। सोशल मीडिया पर लोगों ने शहीदों को श्रद्धांजलि दी और लापता जवानों के सकुशल मिलने की कामना की। रक्षा मंत्रालय और सेना के वरिष्ठ अधिकारियों ने हादसे पर दुख जताया है और कहा है कि हर संभव सहायता लापता जवानों को खोजने में लगाई जा रही है।