Diabetes Awareness: डायबिटीज के मरीज भूलकर भी न करें ये 5 गलतियां, वरना नसें हो जाएगी डैमेज

Edited By Updated: 16 Jan, 2026 06:04 PM

diabetic patients should never make these 5 mistakes

डायबिटीज में बढ़ा हुआ ब्लड शुगर धीरे-धीरे नसों को नुकसान पहुंचाता है। डॉक्टरों के मुताबिक सिर्फ शुगर लेवल पर ध्यान देना काफी नहीं है। ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल को नजरअंदाज करना, कम चलना, पैरों की देखभाल न करना और गलत लाइफस्टाइल नर्व डैमेज का खतरा...

नेशनल डेस्क : डायबिटीज एक ऐसी बीमारी है जो शरीर के कई हिस्सों को प्रभावित करती है। इसमें ब्लड शुगर लेवल बढ़ने के कारण नसें धीरे-धीरे डैमेज होने लगती हैं। डायबिटीज पूरी तरह ठीक नहीं हो सकती, लेकिन मरीज अपने ब्लड शुगर को कंट्रोल करना सीख सकते हैं। हालांकि, कई मरीज अनजाने में कुछ गलतियां कर बैठते हैं, जिनसे नर्व डैमेज, धमनियों में ब्लॉकेज और अल्सर जैसी गंभीर समस्याएं जल्दी बढ़ जाती हैं। वैस्कुलर सर्जन और वेरिकोज वीन स्पेशलिस्ट ने इंस्टाग्राम पर बताया कि डायबिटीज मरीज किन आदतों के कारण धीरे-धीरे नसों को नुकसान पहुंचाते हैं।

1. सिर्फ शुगर नंबर पर ध्यान देना

कई मरीज केवल फास्टिंग ब्लड शुगर या HbA1c देख कर संतुष्ट हो जाते हैं। लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि आपकी धमनियां सुरक्षित हैं। इंसुलिन रेजिस्टेंस, इंफ्लेमेशन और लिपिड डैमेज धीरे-धीरे हो रहा होता है। इसलिए सिर्फ शुगर कंट्रोल करना पर्याप्त नहीं है।

यह भी पढ़ें - लिवर विशेषज्ञ की बड़ी चेतावनी, खाली पेट सुबह की पहली ये चीज सेहत के लिए है बेहद खतरनाक

2. ब्लड प्रेशर और कॉलेस्ट्रोल को इग्नोर करना

डायबिटीज + हाई ब्लड प्रेशर + हाई कॉलेस्ट्रोल यह खतरनाक कॉम्बिनेशन है। यह धमनियों को तेजी से डैमेज कर सकता है। इसलिए शुगर के साथ ब्लड प्रेशर और कॉलेस्ट्रोल पर भी लगातार नजर रखना जरूरी है।

3. कम चलना या इनएक्टिव रहना

पैरों में दर्द या थकान के कारण कई मरीज कम चलने लगते हैं। लेकिन चलने की कमी से ब्लड सर्कुलेशन खराब होता है और नसों को और नुकसान पहुंचता है। रोजाना हल्की-फुल्की एक्सरसाइज और पैदल चलना नर्व हेल्थ के लिए बहुत जरूरी है।

4. पैरों की अनदेखी करना

डायबिटीज मरीज अक्सर पैरों की देखभाल तब तक नहीं करते जब तक घाव या अल्सर दिखाई न दे। लेकिन पैरों पर सुन्नपन, रंग बदलना या सूजन जैसे शुरुआती लक्षण नर्व डैमेज का संकेत होते हैं। समय रहते पैरों का ध्यान न देने से गंभीर समस्याएं बढ़ जाती हैं।

5. लाइफस्टाइल और लक्षणों पर ध्यान न देना

कई मरीज केवल दिखाई देने वाले लक्षणों को ठीक करने की कोशिश करते हैं लेकिन नींद, डाइट और बैठने-खड़े होने की आदतों को नहीं बदलते। डायबिटीज में लाइफस्टाइल सुधार करना उतना ही जरूरी है जितना शुगर कंट्रोल करना।

यह भी पढ़ें - राजनीति में हलचल! BJP के इस वरिष्ठ नेता ने कांग्रेस में वापसी का किया ऐलान, बताई ये अहम वजह

समय पर वैस्कुलर स्क्रीनिंग जरूरी

डायबिटीज सिर्फ शुगर बढ़ने की बीमारी नहीं है। यह दिल, दिमाग, किडनी और पैरों की नसों को भी प्रभावित कर सकती है। नर्व डैमेज को रोकने और धमनियों की समस्या को समय पर पहचानने के लिए रेग्यूलर वैस्कुलर स्क्रीनिंग करवाना बहुत जरूरी है। दर्द या अल्सर शुरू होने से पहले ही नसों में ब्लॉकेज होने लगती है, जिसे सिंपल टेस्ट से पता लगाया जा सकता है। डॉ. का कहना है कि समय रहते सावधानी, स्क्रीनिंग और लाइफस्टाइल सुधार से नर्व डैमेज और गंभीर जटिलताओं को रोका जा सकता है।

Related Story

Trending Topics

IPL
Royal Challengers Bengaluru

190/9

20.0

Punjab Kings

184/7

20.0

Royal Challengers Bengaluru win by 6 runs

RR 9.50
img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!