Edited By Rohini Oberoi,Updated: 30 Nov, 2025 12:00 PM

देश के चुनाव आयोग (Election Commission) ने चुनावी प्रक्रिया की रीढ़ माने जाने वाले बूथ लेवल ऑफिसर्स (BLOs) और अन्य कर्मचारियों को बड़ी राहत और प्रोत्साहन दिया है। आयोग ने वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान में लगे BLOs का वेतन दोगुना कर...
नेशनल डेस्क। देश के चुनाव आयोग (Election Commission) ने चुनावी प्रक्रिया की रीढ़ माने जाने वाले बूथ लेवल ऑफिसर्स (BLOs) और अन्य कर्मचारियों को बड़ी राहत और प्रोत्साहन दिया है। आयोग ने वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान में लगे BLOs का वेतन दोगुना कर दिया है। इसके साथ ही इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर्स (EROs) और असिस्टेंट इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर्स (AEROS) को भी पहली बार मानदेय देने का फैसला किया गया है।
दोगुनी हुई सैलरी
चुनाव आयोग द्वारा जारी पत्र के अनुसार कर्मचारियों के मेहनताने में यह वृद्धि उनके अथक परिश्रम को देखते हुए की गई है:
| पद |
पहले का वेतन (सालाना) |
अब नया वेतन (सालाना) |
| बूथ लेवल ऑफिसर्स (BLOs) |
₹6,000 |
₹12,000 |
| BLO सुपरवाइज़र्स |
₹12,000 |
₹18,000 |
चुनाव आयोग ने आखिरी बार वेतन और मानदेय में बदलाव साल 2015 में किया था।

क्यों लिया गया यह फैसला?
चुनाव आयोग ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि यह वृद्धि क्यों ज़रूरी थी:
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पारदर्शी वोटर लिस्ट: EROs, AEROS, BLO सुपरवाइज़र्स और BLOs सभी चुनावी प्रोसेस को मज़बूत करने के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ये बिना किसी भेदभाव के पारदर्शी (Transparent) वोटर लिस्ट तैयार करने में कड़ी मेहनत करते हैं।
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अथक परिश्रम: आयोग ने माना कि ये कर्मचारी फ़ील्ड लेवल पर बिना थके काम करते हैं सही मतदाता सूची बनाए रखते हैं और वोटरों की मदद करते हैं।
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प्रतिबद्धता: यह फैसला उन चुनावी कर्मचारियों को सही मुआवजा देने के लिए चुनाव आयोग की प्रतिबद्धता (Commitment) को दर्शाता है।
EROs और AERO को पहली बार मानदेय
इस बार की घोषणा में एक और महत्वपूर्ण पहलू यह है कि EROs और AEROS को भी पहली बार मानदेय (Honorarium) दिया गया है जो चुनावी काम में उनके योगदान को मान्यता देता है। इसके अलावा आयोग ने बिहार से शुरू होने वाले स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के लिए BLOs के लिए ₹6,000 रुपये प्रति महीने के स्पेशल इंसेंटिव (Special Incentive) को भी मंज़ूरी दी है।