Gold Price 2026 Prediction: एक्सपर्ट्स ने निवेशकों को किया अलर्ट... 2026 में 10 ग्राम सोने की कीमत हो सकती है इतनी

Edited By Updated: 23 Dec, 2025 02:17 PM

experts alerted investors price of 10 grams gold could reach this level in 2026

साल 2025 में सोने की कीमतों में रिकॉर्ड उछाल आया, जो 78,950 रुपये प्रति 10 ग्राम से बढ़कर 1,38,550 रुपये तक पहुंच गई। कमजोर अमेरिकी डॉलर, कम ब्याज दर और वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव ने सोने की मांग बढ़ाई। निवेशक और केंद्रीय बैंक जमकर गोल्ड में निवेश कर...

नेशनल डेस्क : साल 2025 में सोने के दामों में गजब का उछाल देखने को मिला। साल 2024 के आखिरी दिन 31 दिसंबर 2024 को सोने का भाव 78,950 रुपये प्रति 10 ग्राम था, जो अब बढ़कर 1,38,550 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया है। यानी इस साल सोने की कीमतों में 59,600 रुपये प्रति 10 ग्राम की भारी बढ़ोतरी हुई है। इस तेज़ी ने निवेशकों के बीच सोने की मांग और उत्साह दोनों को बढ़ा दिया है। ब्रोकरेज फर्म Goldman Sachs का अनुमान है कि अगले साल सोने का भाव 4,900 डॉलर प्रति औंस यानी लगभग 1,53,000 रुपये प्रति 10 ग्राम तक जा सकता है। इसी तरह HSBC ने भी कहा है कि साल 2026 में सोने की कीमत 1,44,068 रुपये प्रति 10 ग्राम के रेंज में रह सकती है।

क्या मिडिल क्लास की पहुंच से बाहर जा रहा सोना?

सोने की लगातार बढ़ती कीमतों को देखकर आम लोगों के मन में यह सवाल उठता है कि क्या यह अब मिडिल क्लास की पहुंच से बाहर हो जाएगा। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि सोने में निवेश का आकर्षण रिकार्ड हाई तक पहुंचने के बाद भी बना रहेगा।

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J.P. morgan की ग्लोबल कमोडिटीज स्ट्रैटेजी हेड नताशा कानेवा के अनुसार, सेंट्रल बैंकों और निवेशकों द्वारा सोने में Diversification का लॉन्ग-टर्म ट्रेंड अभी जारी रहेगा। इसके चलते सोने की मांग 2026 के अंत तक बढ़ सकती है और कीमतें 5,000 डॉलर प्रति औंस यानी लगभग 1.60 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच सकती हैं। World Gold Council के CEO का भी कहना है कि 2026 के आखिर तक सोने की कीमत 6,000 डॉलर प्रति औंस (लगभग 1.92 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम) तक जाने की संभावना है।

सोने की मांग बढ़ने के पीछे कारण

सोने की मांग बढ़ने के पीछे कई कारण हैं। कमजोर अमेरिकी डॉलर और अमेरिकी फेड रिजर्व की कम ब्याज दर वाले माहौल में सोना सुरक्षित निवेश के रूप में सबसे आकर्षक विकल्प बन जाता है। इसके अलावा वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव भी सोने की कीमतों में तेजी के पीछे जिम्मेदार हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, अनिश्चितता के समय सोना निवेशकों के लिए बीमा की तरह काम करता है। यह निवेशकों को वैश्विक आर्थिक और राजनीतिक उतार-चढ़ाव से सुरक्षित रखने में मदद करता है।

निवेशकों और केंद्रीय बैंकों ने बढ़ाई सोने की मांग

J.P. morgan में बेस और कीमती धातुओं की रणनीति प्रमुख ग्रेगरी शीयर के अनुसार, 2025 की तीसरी तिमाही में निवेशकों (ETFs, फ्यूचर्स, बार और सिक्के) और केंद्रीय बैंकों की कुल सोने की मांग लगभग 980 टन रही। यह पिछले चार तिमाहियों के औसत से 50 प्रतिशत अधिक है। निवेशकों ने 2025 की तीसरी तिमाही में 3,458 औंस प्रति डॉलर की औसत कीमत पर लगभग 109 बिलियन डॉलर का निवेश किया, जो 950 टन सोने के बराबर है। यह पिछले चार तिमाहियों के औसत से लगभग 90 प्रतिशत अधिक है।

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