Edited By Mehak,Updated: 02 Mar, 2026 03:58 PM

कई बैंक डेबिट कार्ड के साथ मुफ्त बीमा कवर भी देते हैं, जिसकी जानकारी अधिकांश लोगों को नहीं होती। यह कवर कुछ मामलों में 10 लाख रुपये तक का हो सकता है और इसके लिए अलग से कोई प्रीमियम नहीं देना पड़ता। हालांकि, यह सुविधा तभी लागू होती है जब कार्ड सक्रिय...
नेशनल डेस्क : अक्सर लोग डेबिट कार्ड को सिर्फ ATM से कैश निकालने या ऑनलाइन शॉपिंग के लिए इस्तेमाल करते हैं, लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि कई बैंक अपने डेबिट कार्डधारकों को मुफ्त बीमा कवर भी देते हैं। यह कवर कुछ मामलों में 10 लाख रुपये तक का हो सकता है और इसके लिए कोई अलग प्रीमियम देने की जरूरत नहीं होती। हालांकि, यह सुविधा हमेशा सक्रिय नहीं रहती और कुछ शर्तों के पालन के बिना इसका लाभ नहीं लिया जा सकता।
किन बैंकों के कार्ड पर मिलती है यह सुविधा?
देश के कई बड़े बैंक अपने ग्राहकों को डेबिट कार्ड पर मुफ्त बीमा प्रदान करते हैं। इनमें स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI), HDFC बैंक, ICICI बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक और DBC बैंक इंडिया शामिल हैं। यह बीमा आमतौर पर ग्रुप इंश्योरेंस पॉलिसी के तहत आता है, यानी हर कार्डधारक को अलग पॉलिसी नंबर नहीं दिया जाता।
इस कवर में आमतौर पर पर्सनल एक्सीडेंट, एयर एक्सीडेंट, कार्ड फ्रॉड और कुछ मामलों में खरीद सुरक्षा जैसी सुविधाएं शामिल हो सकती हैं। लेकिन इसका लाभ तभी मिलेगा जब आपका डेबिट कार्ड एक्टिव हो और बैंक द्वारा निर्धारित शर्तों को पूरा किया गया हो।
कार्ड एक्टिव रखने की शर्तें
कुछ बैंक नियम रखते हैं कि दुर्घटना से पहले कार्ड से निर्धारित समय में कम से कम एक ट्रांजैक्शन हुआ हो। उदाहरण के लिए :
- कुछ बैंक 60 दिनों के भीतर निर्धारित संख्या में POS या ऑनलाइन ट्रांजैक्शन की शर्त रखते हैं।
- कुछ बैंक 90 दिनों में कम से कम एक ट्रांजैक्शन करना अनिवार्य मानते हैं।
इसलिए रोजमर्रा के खर्च जैसे बिजली बिल, मोबाइल रिचार्ज या पेट्रोल का भुगतान डेबिट कार्ड से करते रहना चाहिए, ताकि कार्ड एक्टिव बना रहे और बीमा कवर लागू हो।
बीमा राशि कितनी मिलती है?
बीमा राशि कार्ड की कैटेगरी पर निर्भर करती है :
- सामान्य या क्लासिक कार्ड: लगभग 1 लाख रुपये तक का कवर।
- प्लेटिनम या प्रीमियम कार्ड: 2 लाख से 5 लाख रुपये तक का कवर।
- हाई-एंड कार्ड्स: 10 लाख रुपये तक का कवर।
इसलिए अपने कार्ड की कैटेगरी और नियमों की जानकारी बैंक से लेना जरूरी है।
क्लेम कैसे किया जाता है?
अगर कार्डधारक के साथ कोई दुर्घटना होती है, तो नॉमिनी को तय समय के भीतर बैंक को सूचना देनी होती है। आमतौर पर 30 से 60 दिनों के अंदर क्लेम फाइल करना जरूरी होता है, लेकिन यह समय सीमा बैंक के अनुसार अलग हो सकती है।
क्लेम करने के लिए आमतौर पर निम्न दस्तावेज़ों की जरूरत पड़ती है :
- सही तरीके से भरा हुआ क्लेम फॉर्म
- मृत्यु प्रमाण पत्र या पोस्टमार्टम रिपोर्ट (यदि आवश्यक हो)
- दुर्घटना की स्थिति में FIR
- नॉमिनी के KYC डॉक्यूमेंट्स
- पिछले कुछ महीनों का बैंक स्टेटमेंट, जिससे साबित हो सके कि कार्ड एक्टिव था
- अगर नॉमिनी दर्ज नहीं है तो लीगल हेयर सर्टिफिकेट भी मांगा जा सकता है