Edited By Mehak,Updated: 20 Oct, 2025 01:53 PM

धनतेरस 2025 पर सोने की कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गई हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 4,300 डॉलर प्रति औंस के पार गया, जबकि भारत में 24 कैरेट सोने की 10 ग्राम कीमत 1,30,874 रुपये तक पहुंची। निवेशकों को इस तेजी से फायदा मिल रहा है, लेकिन एक्सपर्ट...
नेशनल डेस्क : इस धनतेरस, सोने की कीमतों ने एक बार फिर नया रिकार्ड स्थापित किया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 4,300 डॉलर प्रति औंस के स्तर को पार कर गया है, जो पिछले पांच सालों की सबसे बड़ी साप्ताहिक बढ़त मानी जा रही है। घरेलू बाजार में भी सोने का भाव लगातार बढ़ रहा है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने का भाव 1,33,210 रुपये पर ट्रेड कर रहा था, जबकि Indian Bullion Jewellers Association (IBJA) के अनुसार 24 कैरेट सोने की 10 ग्राम कीमत 1,30,874 रुपये तक पहुंच गई, जो अब तक का ऑल टाइम हाई है।
सोने में निवेशकों की बढ़ती उत्सुकता
साल 2025 में सोने की कीमतें अब तक 60% से अधिक बढ़ चुकी हैं। खासकर इस हफ्ते में सोना लगभग 8% तक उछला। इस तेजी के कारण निवेशक सोने की ओर बढ़ रहे हैं और कई लोग इस समय निवेश में उत्साहित हैं।
वित्तीय विशेषज्ञों ने दी चेतावनी
विज़डम हैच के फाउंडर और फाइनेंस एक्सपर्ट अक्षत श्रीवास्तव ने निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि केवल सोने में निवेश करना जोखिम भरा हो सकता है। अगर पूरी पूंजी सोने में है और अचानक बिकवाली करनी पड़ी, तो निवेशक पुनर्निवेश की चुनौती का सामना करेंगे। उन्होंने यह भी बताया कि सोने के शौकीन आमतौर पर तुरंत नहीं बेचते, क्योंकि उन्हें इसके और भी बढ़ने की उम्मीद होती है। अक्षत श्रीवास्तव ने कहा, 'सोने में उछाल देखकर खुश होना समझदारी नहीं है। निवेशक अक्सर इसके सबसे अच्छे दिनों की तुलना शेयर मार्केट के सामान्य दिनों से करते हैं, जो सही नहीं है।'
विविध निवेश की सलाह
एक्सपर्ट ने जोर दिया कि निवेश में विविधता जरूरी है। केवल सोने में निवेश करने के बजाय निवेशकों को शेयर, क्रिप्टो, रियल एस्टेट जैसी विभिन्न संपत्ति वर्गों में निवेश करना चाहिए। उनका कहना है कि भारत में सोना अक्सर अंतिम वित्तीय उपाय माना जाता है और जब तक इसे बेचा नहीं जाता, यह आर्थिक गतिविधियों में योगदान नहीं देता।