Edited By Radhika,Updated: 03 May, 2025 11:26 AM

लगातार बढ़ती हुई डिजिटल पेमेंट्स को देखते हुए नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने सभी बैंकों और पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर्स (PSP) को अपने सिस्टम अपडेट करने के निर्देश दिए हैं।
नेशनल डेस्क: लगातार बढ़ती हुई डिजिटल पेमेंट्स को देखते हुए नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने सभी बैंकों और पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर्स (PSP) को अपने सिस्टम अपडेट करने के निर्देश दिए हैं। अब उन्हें नए रेस्पॉन्स टाइम के अनुसार काम करना होगा, ताकि यूजर्स को बेहतर अनुभव मिल सके। NPCI का कहना है कि इन बदलावों का उद्देश्य लेनदेन की Success Rate को बनाए रखना है, न कि उसमें कोई कमी लाना।
कब और क्यों आया UPI में आउटेज?
हाल ही में UPI सिस्टम को मार्च और अप्रैल 2025 में तीन बार रुकावटों का सामना करना पड़ा। इन दिनों कई यूपीआई ट्रांजेक्शन फेल हुए। इससे लाखों यूजर्स को परेशानियों का सामना करना पड़ा।
NPCI की जांच में क्या सामने आया?
NPCI की जांच में पता चला कि कुछ बैंकों की Check Transaction API पर बार-बार रिक्वेस्ट भेजी जा रही थी। इससे सर्वर पर अत्यधिक लोड पड़ गया और सिस्टम की प्रोसेसिंग धीमी हो गई। पुराने ट्रांजेक्शन को बार-बार वेरीफाई करने के प्रयास ने सिस्टम को थका दिया।
अब क्या होगा बदलाव?
NPCI अब चाहता है कि सभी बैंक और PSP अपने सिस्टम को नए टेक्निकल स्टैंडर्ड्स के अनुसार अपडेट करें, ताकि ट्रांजेक्शन तेजी से और सुरक्षित तरीके से पूरे किए जा सकें। इससे भविष्य में यूपीआई आउटेज से बचा जा सकेगा।