Edited By Rahul Rana,Updated: 04 May, 2025 02:31 PM

भारतीय सनदी लेखाकार संस्थान (आईसीएआई) प्रस्तावित ‘एक देश एक चुनाव' सुधार के वित्तीय पहलुओं का आकलन करेगा। इससे संबंधित विधेयक की जांच करने वाली संसदीय समिति को इसके वित्तीय प्रभाव के बारे में समझ बनाने में मदद मिलेगी। पूर्व राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद...
नेशनल डेस्क: भारतीय सनदी लेखाकार संस्थान (आईसीएआई) प्रस्तावित ‘एक देश एक चुनाव' सुधार के वित्तीय पहलुओं का आकलन करेगा। इससे संबंधित विधेयक की जांच करने वाली संसदीय समिति को इसके वित्तीय प्रभाव के बारे में समझ बनाने में मदद मिलेगी। पूर्व राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद की अध्यक्षता वाली एक उच्चस्तरीय समिति ने मार्च, 2024 में अपनी रिपोर्ट पेश की थी, जिसमें लोकसभा, विधानसभा और स्थानीय निकायों के चुनाव एक साथ कराने की सिफारिश की गई है। इसके बाद, सरकार ने पिछले साल दिसंबर में संसदीय और विधानसभा चुनाव एक साथ कराने को कानूनी ढांचा प्रदान करने के लिए लोकसभा में दो विधेयक पेश किए।
भाजपा सदस्य पी पी चौधरी की अध्यक्षता वाली 39 सदस्यीय संयुक्त संसदीय समिति अब विधेयकों के मसौदे का निरीक्षण कर रही है, जो कोविंद पैनल की सिफारिशों पर आधारित हैं। चार्टर्ड अकाउंटेंट के शीर्ष निकाय आईसीएआई के अध्यक्ष चरणजोत सिंह नंदा ने पीटीआई-भाषा को बताया कि संस्थान ‘एक देश एक चुनाव' सुधार के विभिन्न वित्तीय पहलुओं का आकलन करेगा। मूल्यांकन की रिपोर्ट संसदीय समिति को सौंपी जाएगी। लगभग 4.50 लाख सदस्यों वाला यह संस्थान एक प्रमुख निकाय है जो विभिन्न वित्तीय विधेयकों और सरकार के कर संग्रह प्रयासों के लिए जरूरी जानकारी प्रदान करने में मदद करता है। कोविंद पैनल के अनुसार, एक साथ चुनाव कराने से चुनावी प्रक्रिया और समग्र शासन में मौलिक बदलाव आएगा और साथ ही सीमित संसाधनों का अधिकतम उपयोग होगा और मतदाता बड़ी संख्या में चुनावी प्रक्रिया में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित होंगे।