Edited By Rohini Oberoi,Updated: 12 Oct, 2025 09:33 AM

भारत रिन्यूएबल एनर्जी (नवीकरणीय ऊर्जा) के क्षेत्र में तेजी से वैश्विक पटल पर उभर रहा है। केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने घोषणा की है कि भारत ने 125 गीगावाट (GW) की स्थापित क्षमता के साथ दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा सौर ऊर्जा उत्पादक देश होने का गौरव...
नेशनल डेस्क। भारत रिन्यूएबल एनर्जी (नवीकरणीय ऊर्जा) के क्षेत्र में तेजी से वैश्विक पटल पर उभर रहा है। केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने घोषणा की है कि भारत ने 125 गीगावाट (GW) की स्थापित क्षमता के साथ दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा सौर ऊर्जा उत्पादक देश होने का गौरव हासिल कर लिया है। यह उपलब्धि दिखाती है कि देश ने गैर-जीवाश्म ईंधन स्रोतों से अपनी कुल स्थापित बिजली क्षमता को पहले ही 50 प्रतिशत से अधिक तक पहुंचा दिया है।
2030 तक 500 गीगावाट क्षमता का लक्ष्य
भारत सरकार ने महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किए हैं। अगस्त के अंत तक देश ने कुल 192 गीगावाट (GW) रिन्यूएबल एनर्जी स्थापित क्षमता हासिल कर ली थी। अनुमान है कि वर्ष 2030 तक भारत अपनी कुल ऊर्जा क्षमता को 500 गीगावाट तक पहुंचा देगा। अंतरराष्ट्रीय अक्षय ऊर्जा एजेंसी (IRENA) के अनुसार भारत ने 108 गीगावाट सौर ऊर्जा का प्रभावशाली उत्पादन किया है जिससे जापान (96 GW) अब पीछे छूट गया है।
वैश्विक रैंकिंग और प्रतिस्पर्धा
वैश्विक सौर ऊर्जा स्थापित क्षमता में भारत अब केवल दो देशों से पीछे है:

चीन: 887 GW पहला स्थान
अमेरिका: 177 GW दूसरा स्थान
भारत: 125 GW तीसरा स्थान
चीन कुल वैश्विक सौर ऊर्जा उत्पादन में 55 प्रतिशत की बड़ी हिस्सेदारी रखता है जबकि भारत की हिस्सेदारी 5.6 प्रतिशत है।

2025 में ऊर्जा क्षेत्र का विस्तार
भारत ने इस साल (अप्रैल से सितंबर के बीच) कुल 25 गीगावाट की रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता जोड़ी है। इसमें 21.7 GW सोलर पॉवर और 3.09 GW विंड पॉवर शामिल है। जुलाई 2025 तक भारत की कुल सौर ऊर्जा क्षमता 119.02 GW थी जिसमें जमीन पर लगे सौर संयंत्रों से 90.99 GW और रूफटॉप सिस्टम से 19.88 GW शामिल था।
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तापीय ऊर्जा की हिस्सेदारी में ऐतिहासिक गिरावट
भारत की कुल स्थापित ऊर्जा क्षमता 485 गीगावाट है। इसमें कोयला और गैस आधारित तापीय विद्युत परियोजनाएं अब करीब 242 गीगावाट की हैं जो कुल ऊर्जा का 49.9 प्रतिशत है। यह एक ऐतिहासिक बदलाव है क्योंकि 2015 में तापीय ऊर्जा की हिस्सेदारी 70 प्रतिशत थी। इंटरनेशनल थिंक टैंक एम्बर के अनुसार इस साल जनवरी और जून के बीच भारत में सौर ऊर्जा में 17 टेरावाट-घंटे (TWh) की वृद्धि हुई है जो पिछले वर्ष की तुलना में 25 प्रतिशत अधिक है।