भारत का बांग्लादेश को 66,000 करोड़ रुपये का झटका, क्या पाकिस्तान जैसी स्थिति का सामना करेगा पड़ोसी देश?

Edited By Updated: 19 May, 2025 01:07 PM

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भारत ने बांग्लादेश से होने वाले आयात पर नए नियम लागू कर दिए हैं, जिससे बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था को बड़ा झटका लग सकता है। ये कदम भारतीय व्यापार नीति और दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों में बदलाव का संकेत देते हैं।

नेशनल डेस्क: भारत ने बांग्लादेश से होने वाले आयात पर नए नियम लागू कर दिए हैं, जिससे बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था को बड़ा झटका लग सकता है। ये कदम भारतीय व्यापार नीति और दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों में बदलाव का संकेत देते हैं। भारत ने बांग्लादेश से आने वाले कुछ खास सामानों पर आयात प्रतिबंध लगाए हैं, जिससे दोनों देशों के बीच कुल व्यापार का लगभग 42 प्रतिशत प्रभावित होगा। अब यह सवाल उठता है कि क्या बांग्लादेश पाकिस्तान जैसी स्थिति में पहुंच सकता है, जहां लोगों को भूख और गरीबी का सामना करना पड़े।

भारत ने आयात पर लगाई कड़ी रोक

भारत ने बांग्लादेश से होने वाले आयात में कड़े प्रतिबंध लगाए हैं, जो जमीनी रास्तों से होने वाले व्यापार को प्रभावित करेंगे। इसके चलते लगभग 770 मिलियन डॉलर (करीब 66 हजार करोड़ रुपये) के सामान पर असर पड़ेगा। विशेष रूप से रेडीमेड कपड़े, प्रोसेस्ड फूड और प्लास्टिक के सामान, जो पहले जमीनी रास्तों से भारत आते थे, अब केवल कुछ विशेष समुद्री बंदरगाहों से ही आ सकेंगे। उदाहरण के लिए, बांग्लादेश से हर साल लगभग 618 मिलियन डॉलर के रेडीमेड कपड़े भारत आते हैं, जो अब सिर्फ कोलकाता और नावा शेवा बंदरगाहों से ही भारत पहुंचेंगे।

बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा बुरा असर

भारत के इस कदम का सबसे बड़ा असर बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा, खासतौर पर उसके कपड़ा उद्योग पर। बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण हिस्सा भारत से होने वाले व्यापार पर निर्भर करता है, और अब ये व्यापार प्रभावित हो सकता है। यदि भारत अपनी सख्ती बनाए रखता है, तो बांग्लादेश भी पाकिस्तान जैसी स्थिति में फंस सकता है, जहां गरीबी और भूख का संकट गहरा सकता है।

चीन से बढ़ती दोस्ती का असर

भारत ने यह कदम अकेले नहीं उठाया है। रिपोर्टों के अनुसार यह कार्रवाई बांग्लादेश द्वारा भारत के सामान पर व्यापारिक प्रतिबंध लगाने और चीन के साथ बढ़ती दोस्ती के कारण की गई है। मार्च 2025 में बांग्लादेश के अंतरिम मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस की चीन यात्रा के दौरान 2.1 अरब डॉलर के निवेश और सहयोग समझौते हुए थे, जिससे यह साफ है कि बांग्लादेश चीन की ओर झुकाव बढ़ा रहा है। इस बदलाव ने भारत को सख्त कदम उठाने के लिए प्रेरित किया है।

भारत और बांग्लादेश के व्यापार संबंध

भारत और बांग्लादेश के बीच व्यापारिक संबंध लंबे समय से महत्वपूर्ण रहे हैं। बांग्लादेश भारत का एक प्रमुख व्यापारिक साझीदार रहा है, लेकिन पिछले कुछ समय में दोनों देशों के बीच व्यापारिक बाधाएं बढ़ी हैं। बांग्लादेश द्वारा भारतीय सामान पर लगाए गए व्यापारिक प्रतिबंध और चीन के साथ बढ़ती दोस्ती ने भारत को इस कदम को उठाने के लिए मजबूर किया है।

भारतीय निर्यातकों को नुकसान

भारत के निर्यातकों को भी बांग्लादेश के व्यापारिक प्रतिबंधों और जमीनी रास्तों से होने वाली देरी का नुकसान हुआ है। भारतीय अधिकारियों का कहना है कि बांग्लादेश को भारत के बाजार में पहुंच को हल्के में नहीं लेना चाहिए और उसे व्यापारिक शर्तों का पालन ईमानदारी से करना चाहिए। दोनों देशों के बीच व्यापारिक सहयोग को बनाए रखना चाहिए ताकि दोनों देशों को फायदा हो।

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