Kosmos 482: धरती की ओर लौट रहा है 53 साल पुराना सोवियत अंतरिक्ष यान – वैज्ञानिकों में मचा हड़कंप

Edited By Updated: 02 May, 2025 01:55 PM

kosmos 482 soviet union venus spacecraft earth orbit

अंतरिक्ष विज्ञान की दुनिया में इन दिनों हलचल तेज है, और इसकी वजह है एक 53 साल पुराना सोवियत अंतरिक्ष यान जो अब धरती की ओर लौटने वाला है। 1970 के दशक में शुक्र ग्रह के लिए भेजा गया यह अंतरिक्ष यान अब अनियंत्रित हो चुका है और वैज्ञानिकों के अनुसार यह...

नेशनल डेस्क: अंतरिक्ष विज्ञान की दुनिया में इन दिनों हलचल तेज है, और इसकी वजह है एक 53 साल पुराना सोवियत अंतरिक्ष यान जो अब धरती की ओर लौटने वाला है। 1970 के दशक में शुक्र ग्रह के लिए भेजा गया यह अंतरिक्ष यान अब अनियंत्रित हो चुका है और वैज्ञानिकों के अनुसार यह जल्द ही पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश कर सकता है। सवाल ये है कि क्या यह यान पूरी तरह जल जाएगा या इसका मलबा धरती तक पहुंचेगा?

1972 में हुआ था लॉन्च, लेकिन मिशन अधूरा रह गया
'कोस्मोस 482' नामक यह अंतरिक्ष यान 1972 में सोवियत संघ द्वारा शुक्र ग्रह के मिशन के तहत लॉन्च किया गया था। हालांकि तकनीकी खराबी के कारण यह यान पृथ्वी की कक्षा से बाहर नहीं निकल पाया और तभी से यह अत्यधिक अण्डाकार कक्षा में पृथ्वी का चक्कर लगा रहा है।

अब तक बचा हुआ है लैंडिंग कैप्सूल
अंतरिक्ष मलबे पर नजर रखने वाले विशेषज्ञों का कहना है कि इस यान का मुख्य हिस्सा वर्षों पहले नष्ट हो चुका है, लेकिन इसका लैंडिंग कैप्सूल, जो लगभग एक मीटर व्यास की धातु की गेंद के आकार का है, अब तक पृथ्वी की कक्षा में घूम रहा है। वैज्ञानिकों का मानना है कि यह कैप्सूल मई के पहले या दूसरे सप्ताह में पृथ्वी के वायुमंडल में पुनः प्रवेश कर सकता है।

गिरने की रफ्तार होगी 240 किमी/घंटा
डच वैज्ञानिक मार्को लैंगब्रोक के अनुसार, अगर यह कैप्सूल वायुमंडल में प्रवेश के दौरान पूरी तरह नहीं जला, तो यह 240 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से पृथ्वी पर गिर सकता है। यह वस्तु करीब आधा टन भारी है और इसकी तुलना किसी उल्कापिंड से की जा रही है जो अनियमित रूप से धरती पर गिरते रहते हैं।

कितना है खतरा?
वैज्ञानिकों का मानना है कि खतरा पूरी तरह टाला नहीं जा सकता, लेकिन इससे घबराने की भी जरूरत नहीं है। हार्वर्ड-स्मिथसोनियन सेंटर फॉर एस्ट्रोफिजिक्स के विशेषज्ञ जोनाथन मैकडॉवेल के अनुसार, अगर हीट शील्ड समय के साथ खराब हो चुकी हो तो कैप्सूल वायुमंडल में ही जलकर नष्ट हो जाएगा, जो सबसे बेहतर स्थिति होगी। लेकिन अगर वह बरकरार रहती है, तो यह धातु का भारी टुकड़ा धरती तक पहुंच सकता है।

कहां गिर सकता है?
इस अंतरिक्ष यान का मलबा कहां गिरेगा, यह अभी तय नहीं है, लेकिन यह 51.7° उत्तरी और दक्षिणी अक्षांश के बीच कहीं भी गिर सकता है — यानी कनाडा से लेकर दक्षिण अमेरिका के केप हॉर्न तक का कोई भी हिस्सा इसकी जद में हो सकता है। फिर भी, इस बात की संभावना अधिक है कि यह किसी महासागर में जा गिरेगा, क्योंकि पृथ्वी का बड़ा भाग पानी से घिरा है।

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