Edited By Radhika,Updated: 10 Feb, 2026 05:53 PM

'महाशिवरात्रि' साल 2026 में 15 फरवरी (रविवार) को मनाई जाएगी। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसी खास तिथि पर भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था, साथ ही इसे महादेव के दिव्य प्राकट्य का दिन भी माना जाता है। इस दिन देशभर के शिवालयों में 'हर-हर...
Maha Shivratri 2026: 'महाशिवरात्रि' साल 2026 में 15 फरवरी (रविवार) को मनाई जाएगी। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसी खास तिथि पर भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था, साथ ही इसे महादेव के दिव्य प्राकट्य का दिन भी माना जाता है। इस दिन देशभर के शिवालयों में 'हर-हर महादेव' की गूंज के साथ श्रद्धालु जलाभिषेक और रुद्राभिषेक करते हैं।
तिथि और मुहूर्त
पंचांग के अनुसार फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि 15 फरवरी की शाम 5:04 बजे से शुरू होकर 16 फरवरी की शाम 5:34 बजे तक रहेगी। चूंकि महाशिवरात्रि में रात्रि कालीन पूजा (निशीथ काल) का खास महत्व है, इसलिए व्रत और मुख्य पूजन 15 फरवरी को ही किया जाएगा।

चार प्रहर की पूजा का महत्व
महाशिवरात्रि की रात को चार प्रहरों में बांटकर शिव आराधना करना अत्यंत फलदायी माना गया है। 2026 के लिए शुभ समय इस प्रकार है:
- प्रथम प्रहर: 15 फरवरी (शाम 6:11 से रात 9:22 तक)
- द्वितीय प्रहर: 15 फरवरी (रात 9:23 से 16 फरवरी रात 12:34 तक)
- तृतीय प्रहर: 16 फरवरी (रात 12:35 से सुबह 3:46 तक)
- चतुर्थ प्रहर: 16 फरवरी (सुबह 3:46 से सुबह 6:59 तक)
विशेष पूजा के लिए निशीथ काल का समय 16 फरवरी की रात 12:09 बजे से 1:01 बजे तक रहेगा।