Edited By Shubham Anand,Updated: 01 Nov, 2025 09:08 PM

त्योहारों के सीजन और जीएसटी दरों में कटौती का असर अक्टूबर में साफ दिखा। इस महीने भारत का सकल जीएसटी संग्रह 4.6 प्रतिशत बढ़कर लगभग 1.96 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया। रसोई के सामान, इलेक्ट्रॉनिक्स और ऑटोमोबाइल जैसी 375 वस्तुओं पर दरें 22 सितंबर से घटाई...
नेशनल डेस्क : त्योहारों के सीजन में जीएसटी रेट कट का असर साफ तौर पर देखने को मिला है। जीएसटी दरों में कटौती के बावजूद अक्टूबर महीने में त्योहारी खरीदारी के चलते सकल जीएसटी संग्रह 4.6 प्रतिशत बढ़कर लगभग 1.96 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया। रसोई के सामान, इलेक्ट्रॉनिक्स और ऑटोमोबाइल सहित 375 वस्तुओं पर नई जीएसटी दरें 22 सितंबर से प्रभावी हुई थीं। यह दिन नवरात्रि का पहला दिन था, जिसे नए सामान की खरीदारी के लिए शुभ माना जाता है।
त्योहारी सीजन और दबी हुई मांग का असर
अक्टूबर के जीएसटी संग्रह के आंकड़े त्योहारी सीजन की जबरदस्त बिक्री और उपभोक्ताओं की दबी हुई मांग के असर को दर्शाते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर दिवाली से पहले जीएसटी दरों में कटौती की घोषणा की थी। इसके बाद उपभोक्ताओं ने दरों में कमी का इंतजार करते हुए अपनी खरीदारी को कुछ समय के लिए टाल दिया था। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, अक्टूबर 2025 में सकल जीएसटी संग्रह लगभग 1.96 लाख करोड़ रुपये रहा, जो अक्टूबर 2024 के 1.87 लाख करोड़ रुपये के मुकाबले 4.6 प्रतिशत अधिक है।
पिछले महीनों की तुलना
त्योहारी सीजन के चलते अक्टूबर में जीएसटी संग्रह में वृद्धि दर्ज की गई, हालांकि यह सितंबर की तुलना में कुछ कम रहा। इस साल अगस्त और सितंबर में क्रमशः 1.86 लाख करोड़ रुपये और 1.89 लाख करोड़ रुपये का जीएसटी संग्रह हुआ था। सालाना आधार पर अक्टूबर में 4.6 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जो पिछले महीनों की औसत नौ प्रतिशत वृद्धि से कम है। सकल घरेलू राजस्व (डोमेस्टिक सेल्स) अक्टूबर में दो प्रतिशत बढ़कर 1.45 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जबकि आयात कर 13 प्रतिशत बढ़कर 50,884 करोड़ रुपये हो गया।
रिफंड में 39.6 प्रतिशत की बढ़ोतरी
जीएसटी रिफंड में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। अक्टूबर में रिफंड सालाना आधार पर 39.6 प्रतिशत बढ़कर 26,934 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। वहीं, शुद्ध जीएसटी राजस्व 1.69 लाख करोड़ रुपये दर्ज किया गया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 0.2 प्रतिशत अधिक है।