Edited By Parminder Kaur,Updated: 03 May, 2025 01:41 PM

प्यार सच में उम्र या सीमा नहीं देखता। यह न जाति देखता है और न ही ऊंच-नीच। प्यार किसी को भी, कभी भी हो सकता है। अक्सर ऐसे प्रेम-प्रसंग सामने आते हैं, जहाँ बड़ी उम्र की महिलाएँ अपने से छोटे उम्र के पुरुषों को अपना दिल दे बैठती हैं। कई ऐसे जोड़े हैं,...
नेशनल डेस्क. प्यार सच में उम्र या सीमा नहीं देखता। यह न जाति देखता है और न ही ऊंच-नीच। प्यार किसी को भी, कभी भी हो सकता है। अक्सर ऐसे प्रेम-प्रसंग सामने आते हैं, जहाँ बड़ी उम्र की महिलाएँ अपने से छोटे उम्र के पुरुषों को अपना दिल दे बैठती हैं। कई ऐसे जोड़े हैं, जो परिवार और समाज की परवाह किए बिना एक-दूसरे के साथ ज़िंदगी बिताना चाहते हैं। ऐसा ही एक अनोखा मामला केरल और झारखंड से जुड़ा है। यहाँ एक महिला एक 19 साल के युवक को प्यार कर बैठी है, जो खुद तीन बच्चों की माँ है।
कैसे शुरू हुई प्रेम कहानी
यह घटना झारखंड के खोरीमहुआ अनुमंडल के बैरिया के पास सोना पहाड़ी गाँव की है। इस गाँव का सरफुद्दीन नाम का एक लड़का अविवाहित है और केरल के एक होटल में काम करता था। उसी दौरान उसकी मुलाक़ात होटल की 30 साल की मालकिन से हुई और दोनों को प्यार हो गया। बताया जा रहा है कि होटल मालकिन को पहली बार में ही मजदूर सरफुद्दीन का व्यवहार बहुत पसंद आ गया था, जिसके कारण वह उस पर मोहित हो गई थी। सरफुद्दीन भी मालकिन की हर बात सुनता था और उसका काम कर देता था।
पति ने बच्चों को रखा, पत्नी को निकाला
जब इस बात की खबर महिला के पति को लगी, तो घर में बहुत झगड़ा हुआ। झगड़े के बाद महिला के पति ने अपने तीनों बच्चों को अपने पास रख लिया और पत्नी को घर से निकाल दिया। घर से निकलने के बाद महिला सरफुद्दीन के संपर्क में रही।
प्रेमी के घर पहुंची महिला
सरफुद्दीन ने सजना (महिला का नाम) को अपने घर का पता दिया और उसे झारखंड के कोडरमा में रुकने को कहा था। महिला कोडरमा आकर चार दिनों तक अपने प्रेमी सरफुद्दीन का इंतज़ार करती रही, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। फिर महिला एक ऑटो करके सरफुद्दीन के गाँव बैरिया बुधवार को पहुँच गई। जैसे ही महिला सरफुद्दीन के घर पहुँची, उसे देखने के लिए आस-पास के लोग जमा हो गए। परेशानी की बात यह है कि न तो गाँव के लोग उसकी भाषा समझ पाते हैं और न ही वह यहाँ की भाषा समझ पाती है। महिला सिर्फ मलयालम भाषा जानती है, जिससे लोगों को उससे बात करने में दिक्कत हो रही है।
जब तक सरफुद्दीन नहीं आएगा, नहीं जाऊंगी
सजना अपनी भाषा में कह रही है कि वह यहाँ अपनी 'मम्मी' के घर पर सुरक्षित है। उसने कहा कि जब तक सरफुद्दीन नहीं आएगा। वह उसी के घर पर रहेगी। फिलहाल सरफुद्दीन के परिवार वालों से भी उसका कोई संपर्क नहीं हो पाया है।