Edited By Parveen Kumar,Updated: 05 May, 2025 09:49 PM

राजस्थान के टोंक जिले के लाम्बाहरिंसिंह गांव में एक दिल दहला देने वाली घटना घटी, जब 60 वर्षीय मूलचंद की शादी की खुशियां अचानक मातम में बदल गईं। मूलचंद अपने इकलौते बेटे छीतर की शादी की तैयारियों में व्यस्त थे, लेकिन तेज आंधी के कारण घबराहट के चलते...
नेशनल डेस्क: राजस्थान के टोंक जिले के लाम्बाहरिंसिंह गांव में एक दिल दहला देने वाली घटना घटी, जब 60 वर्षीय मूलचंद की शादी की खुशियां अचानक मातम में बदल गईं। मूलचंद अपने इकलौते बेटे छीतर की शादी की तैयारियों में व्यस्त थे, लेकिन तेज आंधी के कारण घबराहट के चलते उनकी तबीयत बिगड़ गई और उनकी मौत हो गई।
मूलचंद का बीपी अचानक गिर गया था, जिसके बाद उन्हें पास के निजी क्लीनिक में भर्ती कराया गया, लेकिन हालत बिगड़ने के कारण जब तक अस्पताल पहुंचते, उनकी मौत हो चुकी थी। उनकी मौत से परिवार में शोक की लहर फैल गई, क्योंकि वो अपने बेटे की शादी का इंतजार कर रहे थे।
घटना की पूरी जानकारी
मूलचंद शनिवार को हलवाई से नमकीन का स्वाद चखने के बाद चाय पीकर थोड़ी देर आराम करने लगे। इसके बाद वो कुर्सी पर बैठे और अचानक गिर पड़े। उनके दामाद और समाज के लोगों के अनुसार, तेज आंधी ने हलवाइयों और लाइट वालों का काम रुकवाया था, जिससे उन्हें चिंता हो गई थी। हालांकि, आंधी से कोई नुकसान नहीं हुआ था, लेकिन इसी तनाव के कारण उनका बीपी अचानक गिर गया।
मूलचंद की अचानक मौत ने उनके परिवार को गहरे दुख में डुबो दिया। उनके अंतिम संस्कार के बाद, एक दिन बाद बेटे की बारात रवाना हुई, लेकिन इस बार शादी की रस्में सादगी से पूरी की गईं। छीतर की बारात तिहारी गांव (अजमेर) को गई, जहां समाज के लोगों ने बारात लेकर फेरे करवाए।