Edited By Parminder Kaur,Updated: 02 May, 2025 10:05 AM

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। इस हमले में 26 निर्दोष पर्यटकों की मौत हो गई थी, जिसके बाद से ही सीमा पर तनावपूर्ण हालात बने हुए हैं। पाकिस्तान की ओर से नियंत्रण...
नेशनल डेस्क. जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। इस हमले में 26 निर्दोष पर्यटकों की मौत हो गई थी, जिसके बाद से ही सीमा पर तनावपूर्ण हालात बने हुए हैं। पाकिस्तान की ओर से नियंत्रण रेखा (LoC) पर लगातार फायरिंग की जा रही है, जिससे सीजफायर का उल्लंघन हो रहा है। जवाब में भारतीय सेना भी पूरी सतर्कता के साथ मोर्चा संभाले हुए है।
ऐसे तनावपूर्ण समय में अमेरिका ने एक बार फिर भारत का समर्थन करते हुए स्पष्ट किया है कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ है। अमेरिकी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता टैमी ब्रूस ने शुक्रवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि अमेरिका इस पूरी स्थिति पर बारीकी से नजर रखे हुए है। अमेरिका भारत और पाकिस्तान दोनों देशों के साथ लगातार संवाद बनाए हुए है।
टैमी ब्रूस ने जानकारी दी कि अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने हाल ही में भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर और पाकिस्तान के विदेश मंत्री शहबाज शरीफ से अलग-अलग बातचीत की है। इस बातचीत में उन्होंने दोनों देशों से अपील की कि वे शांति बनाए रखें और टकराव को बढ़ने से रोकें। अमेरिका चाहता है कि दक्षिण एशिया में स्थिरता बनी रहे और कोई बड़ा संकट खड़ा न हो।
टैमी ब्रूस ने अपने बयान में यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अमेरिका का पूरा समर्थन प्राप्त है और अमेरिका भारत के साथ मिलकर काम करना जारी रखेगा। अमेरिका दोनों देशों की सरकारों से शांति की दिशा में प्रयास करने की लगातार अपील कर रहा है।
इस बीच LoC पर गोलीबारी की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। सीमा पर तनाव की स्थिति बनी हुई है और भारतीय सेना हर चुनौती का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है।