Edited By Radhika,Updated: 18 Jan, 2026 10:55 AM

भारत में वर्तमान समय में UPI पेमेंट करने पर कोई चार्ज नहीं लगता। बीते दिनों ऐसी जानकारी सामने आई थी कि UPI पर चार्ज लगना शुरु हो सकता है। इसे लेकर वित्त मंत्री निर्मलासीतारमण बजट वाले दिन कोई फैसला ले सकती हैं। फिलहाल इसे लेकर कोई भी आधिकारिक...
Budget 2026: भारत में वर्तमान समय में UPI पेमेंट करने पर कोई चार्ज नहीं लगता। बीते दिनों ऐसी जानकारी सामने आई थी कि UPI पर चार्ज लगना शुरु हो सकता है। इसे लेकर वित्त मंत्री निर्मलासीतारमण बजट वाले दिन कोई फैसला ले सकती हैं। फिलहाल इसे लेकर कोई भी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। इस डिटिजल युग में चाय की टपरी से लेकर बड़े शॉपिंग मॉल तक यूपीआई का बोलबाला है। अक्टूबर में यूपीआई ने 20.7 अरब ट्रांजेक्शन के जरिए 27.28 लाख करोड़ रुपये का लेन-देन प्रोसेस किया। लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि यह मॉडल अब 'अस्थिर' (Unstable) होता जा रहा है।
समस्या की जड़: 0 MDR
सरकार ने डिजिटल इंडिया को बढ़ावा देने के लिए व्यापारियों पर लगने वाले शुल्क (Merchant Discount Rate - MDR) को 0 कर दिया है। इसका मतलब है कि दुकानदार को UPI पेमेंट लेने के लिए कोई चार्ज नहीं देना पड़ता। लेकिन RBI के अनुसार हर एक ट्रांजेक्शन को सुरक्षित तरीके से पूरा करने में बैंकों और फिनटेक कंपनियों को लगभग 2 रुपये का खर्च आता है। फिलहाल यह पूरा बोझ कंपनियां और बैंक खुद उठा रहे हैं।

घटती सब्सिडी और निवेश का दबाव
PhonePe जैसी दिग्गज फिनटेक कंपनियों ने आगाह किया है कि सरकार की ओर से मिलने वाला Incentive केवल ऊँट के मुँह में जीरा साबित हो रहा है।
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वित्त वर्ष 2024: सब्सिडी ₹3,500 करोड़ थी।
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वित्त वर्ष 2025: यह घटकर ₹2,000 करोड़ रह गई।
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बजट अनुमान: चालू वित्त वर्ष के लिए यह महज ₹427 करोड़ रह गई है।
जबकि अनुमान है कि अगले 2 सालों में इस नेटवर्क को सुरक्षित और उन्नत बनाए रखने के लिए करीब ₹8,000 से ₹10,000 करोड़ के निवेश की जरूरत होगी।

बजट 2026 से क्या हैं उम्मीदें?
पेमेंट काउंसिल ऑफ इंडिया (PCI) और प्रमुख फिनटेक दिग्गजों ने सरकार से दो मुख्य मांगें की हैं:
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बड़े व्यापारियों पर शुल्क: जिनका सालाना टर्नओवर ₹10 करोड़ से अधिक है, उनके ट्रांजेक्शन पर 25-30 बेसिस पॉइंट का मामूली MDR लगाया जाए।
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पर्याप्त सब्सिडी: यदि सरकार यूपीआई को मुफ्त रखना चाहती है, तो उसे बजट में कम से कम ₹8,000 करोड़ का प्रावधान करना होगा।